18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

IRCTC होटल घोटाले में बड़ा अपडेट! दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI से मांगा जवाब

IRCTC Hotel Scam: दिल्ली हाईकोर्ट में IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मामले में सुनवाई हुई। राबड़ी देवी ने अपने खिलाफ तय किए गए आरोपों को चुनौती दी है और कहा है कि बिना ठोस सबूत के उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।

2 min read
Google source verification
irctc hotel scam high court seeks cbi reply on rabri devi plea

IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट का सख्त रुख

IRCTC Hotel Scam: दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को IRCTC से जुड़े होटल घोटाले पर सुनवाई हुई। यह सुनवाई बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तरफ से दायर याचिका पर हुई। इस याचिका में राबड़ी देवी ने ट्रायल कोर्ट ने जो उनके खिलाफ आरोप तय किए हैं, उनको चुनौती दी। राबड़ी देवी का कहना है कि उनके खिलाफ बिना ठोस सबूत के आरोप तय किए गए हैं और वह राजनीतिक पद से जुड़ी हैं, सिर्फ इस वजह से उन्हें इस मामले में घसीटा जा रहा है। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है।

हाईकोर्ट का क्या रहा फैसला?

राबड़ी देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने CBI को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि इसी मामले को लेकर लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव की याचिकाओं की सुनवाई भी 19 जनवरी को ही होने वाली है। हो सकता है कि तीनों याचिकाओं की सुनवाई 19 जनवरी को एक साथ हो जाए।

ट्रायल कोर्ट ने क्या आरोप लगाए थे?

इस मामले में ट्रायल कोर्ट पहले ही कड़ा रुख अपना चुका है। अक्टूबर 2025 में स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और 11 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस चलाने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने इन सभी पर धोखाधड़ी, आपसी साजिश रचने और भ्रष्टाचार से जुड़े कानूनों के तहत आरोप तय किए थे। कोर्ट के तय किए गए आरोप हल्के नहीं थे। अगर इस मामले में आरोपी दोषी साबित हो जाते हैं तो उनको 10 साल तक की सजा मिल सकती है।

याचिका में क्या दावा किया गया?

याचिका में दावा किया गया कि लालू यादव या उनके किसी भी घर के सदस्य ने कभी रांची या पुरी के बीएनआर होटल के टेंडर में हिस्सा लिया ही नहीं था। उनका कहना था कि सरकारी वकीलों ने यह बात मानी है कि लालू यादव ने न तो लिखकर और न ही बोलकर किसी भी अधिकारी को कोई आदेश नहीं दिया था। इसके बावजूद कोर्ट ने यह मान लिया कि लालू यादव ने अधिकारियों पर दबाव बनाया सिर्फ इसलिए क्योंकि वह उस समय रेल मंत्री थे। राबड़ी देवी का कहना है कि आरोप सिर्फ अंदाजे और शक के आधार पर तय किए गए हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला?

IRCTC मामला IRCTC होटल टेंडर घोटाला से संबधित है। इस मामले में सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे, उस समय उन्होंने दो पुराने बीएनआर होटलों को पहले आईआरसीटीसी के हवाले किया और कुछ समय बाद इन दोनों होटल को पटना की एक प्राइवेट कंपनी सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर दे दिया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि यह सब पहले से प्लान किया गया था। टेंडर निकालने और देने की प्रक्रिया में नियमों को नजरअंदाज किया गया और जानबूझकर ऐसे फैसले लिए गए, जिससे एक खास कंपनी को फायदा मिले। सीबीआई के अनुसार, सुजाता होटल्स की मालिक सरला गुप्ता भी इस पूरे मामले में मिली हुई थी। बताया जा रहा है कि वह लालू प्रसाद की करीबी हैं और आरजेडी के सांसद रहे प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी हैं। कुल मिलाकर एजेंसी का दावा है कि सरकारी संपत्ति का गलत तरीके से इस्तेमाल करके अपने लोगों को फायदा पहुंचाया गया।