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चिप से आगे नई तकनीक पर नजर, पीएम ने सीईओ संग बनाया अगला रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सेवा तीर्थ में प्रमुख वैश्विक और भारतीय सेमीकंडक्टर कंपनियों के सीईओ के साथ गोलमेज बैठक में उद्योग से इस अगले चरण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। साथ ही नीतिगत और प्रशासनिक सुधारों को लेकर सीधे सुझाव मांगे
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नई दिल्ली

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Abhishek Singhal

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Updated: 17 Sep 2026, 1:57 PM IST

SEMI

नई दिल्ली। भारत ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के निर्माण के बाद अब एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों में शुरुआत से नेतृत्व की तैयारी तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सेवा तीर्थ में प्रमुख वैश्विक और भारतीय सेमीकंडक्टर कंपनियों के सीईओ के साथ गोलमेज बैठक में उद्योग से इस अगले चरण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। साथ ही नीतिगत और प्रशासनिक सुधारों को लेकर सीधे सुझाव मांगे।

मोदी ने कहा कि भारत के पास प्रतिभा, तकनीक अपनाने और बुनियादी ढांचे की मजबूत नींव है। अब इसे वैश्विक उद्योग की विशेषज्ञता से जोड़कर बड़े अवसर तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने एआई क्षेत्र में एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए स्किलिंग और इनोवेशन में उद्योग की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

शुरुआती प्रयासों से बड़े विस्तार की ओर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम शुरुआती प्रयासों से आगे बढ़कर बड़े पैमाने और अधिक अवसरों वाले चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने मैन्यूफैक्चरिंग के साथ डिजाइन, आरएंडडी, उन्नत तकनीक और सहायक उद्योगों में क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।

मोदी ने भरोसेमंद और उत्तरदायी नीतिगत माहौल के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि तकनीकी बदलाव और उद्योग की जरूरतों के साथ नीतियों को भी विकसित होना होगा। उन्होंने सीईओ से ऐसे नीतिगत और प्रशासनिक उपाय सुझाने को कहा, जिनसे सेक्टर को और गति मिल सके।

बैठक में उद्योग प्रमुखों ने भारत में मैन्यूफैक्चरिंग, डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट डेवलपमेंट में हुई प्रगति की सराहना की। उन्होंने आईएसएम 2.0 के तहत उभर रहे अवसरों पर चर्चा की और पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में भारत की क्षमताओं पर भरोसा जताया। कंपनियों ने भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी हब बनाने में योगदान की प्रतिबद्धता जताई।

इन बिंदुओं पर हुआ विचार

• एआई और क्वांटम में शुरुआत से नेतृत्व का लक्ष्य।

• सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बड़े विस्तार के चरण में ले जाने पर जोर।

• सीईओ से नीतिगत और प्रशासनिक सुधारों के सुझाव मांगे।

• आईएसएम 2.0 में पूरी वैल्यू चेन पर फोकस।

• एआई में एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य पर जोर।

कंपनियों के सीईओ हुए शामिल

सेमी, माइक्रॉन, इन्फीनियॉन, एप्लाइड मैटेरियल्स, एएसएमएल, मर्क, टोक्यो इलेक्ट्रॉन, फूजीफिल्म, एएमडी, इंटेल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, लैम रिसर्च, रैपिडस, एनएक्सपी, फॉक्सकॉन, एडवांटेस्ट, सेमीकंडक्टर डिवाइसेज, सेलेस्टा कैपिटल, सीजी पावर और आईबीएम रिसर्च।