
हरियाणा के रोहतक में राष्ट्रीय लेवल के बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत पर एक्शन।
Basketball Player Death: हरियाणा के रोहतक जिले के लाखनमाजरा गांव में मंगलवार को हुए दुखद हादसे में खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने सख्त एक्शन लिया है। उन्होंने राष्ट्रीय लेवल के बास्केटबॉल खिलाड़ी 17 साल के हार्दिक राठी की मौत पर जिला खेल अधिकारी को निलंबित कर दिया। साथ ही संबंधित नर्सरी को भी सस्पेंड कर दिया है। दूसरी ओर 17 साल के बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत पर राज्य का सियासी पारा भी हाई हो गया है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला समेता तमाम नेताओं ने खेल ढांचे की बदइंतजामी के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदारी ठहराया है।
दरअसल, सब-जूनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हार्दिक रोज की तरह गांव के खेल परिसर में अभ्यास कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बास्केटबॉल हूप की ओर छलांग लगाते हुए उसपर लटकने का प्रयास किया तो हूप को संभालने वाला पोल अचानक उनकी छाती पर गिर गया। इसका सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है। कोर्ट के किनारे मौजूद अन्य खिलाड़ी उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने देखते ही खिलाड़ी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मंगलवार देर शाम हार्दिक राठी की मौत की पुष्टि की। घटना के बाद विपक्षी पार्टियों ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि खेल मैदानों में उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है। इसके चलते एक होनहार खिलाड़ी की जान चली गई।
इस घटना के बाद जहां विपक्ष राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगा, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिला खेल अधिकारी (DSO) और संबंधित नर्सरी को निलंबित कर दिया। खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने बताया कि मामले में जिला खेल अधिकारी (DSO) को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उस खेल नर्सरी को भी निलंबित किया गया है, जहां हार्दिक अभ्यास करते थे। उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि यह राज्य के लिए ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी बेहद पीड़ादायक है। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए पूरी सतर्कता बरती जाएगी। फिलहाल जिम्मेदार अधिकारियों और कोच पर प्रारंभिक कार्रवाई की गई है।
हादसे के तुरंत बाद हरियाणा खेल विभाग ने राज्यभर के सभी खेल परिसरों में लगे पुराने, क्षतिग्रस्त और असुरक्षित खेल उपकरणों को तत्काल हटाने के आदेश जारी किए। विभाग के महानिदेशक द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी परिसर में ऐसा उपकरण उपयोग में न लाया जाए, जो खिलाड़ियों के लिए जोखिम पैदा करता हो। सभी जिला खेल अधिकारियों, मोतीलाल नेहरू खेल स्कूल राई, और अंबाला, हिसार, रोहतक तथा गुरुग्राम रेंज के उपनिदेशकों को तत्काल निरीक्षण कर असुरक्षित उपकरणों को हटाने को कहा गया है। विभाग ने यह भी चेतावनी जारी की है कि आदेशों का पालन न करने की स्थिति में किसी भी संभावित दुर्घटना के लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना सीसीटीवी में दर्ज है और फुटेज की जांच की जा रही है। एसएचओ समरजीत सिंह ने बताया कि उपकरण की स्थिति और पोल गिरने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि पोल काफी समय से जर्जर हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही संभव होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी कहा कि वे मामले से जुड़े सभी तथ्यों का संज्ञान लेकर उचित कदम उठाएंगे। घटना ने प्रदेश में खेल सुविधाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय खेल समुदाय ने मांग की है कि सभी खेल परिसरों की व्यापक तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी खिलाड़ी को ऐसी लापरवाही का शिकार न होना पड़े।
Updated on:
26 Nov 2025 05:52 pm
Published on:
26 Nov 2025 05:52 pm
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