
हाई-वे निर्माण में खेल खत्म! सब-कॉन्ट्रैक्टिंग पर लगेगी लगाम, फोटो सोर्स- ANI
Nitin Gadkari GST subcontracting highways: राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में घटिया गुणवत्ता और बेतहाशा सब-कॉन्ट्रैक्टिंग (काम को आगे ठेके पर देना) के खेल पर केंद्र सरकार अब सख्त रुख अपनाने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार अब जीएसटी (GST) रिकॉर्ड्स का इस्तेमाल करके सब-कॉन्ट्रैक्टिंग की परतों का पता लगाएगी और ठेकेदारों द्वारा काम आगे देने की सीमा तय करने के लिए नियम बनाएगी।
फिक्की (FICCI) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जरूरत से ज्यादा सब-कॉन्ट्रैक्टिंग की वजह से राजमार्ग निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि पैसा कमाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन किसी भी प्रोजेक्ट पर काम करते समय उसकी गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। गडकरी ने कहा कि अब GST के आंकड़ों के जरिए यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि किसी काम के लिए किस कंपनी या ठेकेदार ने कितना GST दाखिल किया है और काम का कितना हिस्सा आगे सब-कॉन्ट्रैक्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वह एक आदेश जारी करने जा रहे हैं, जिसके तहत यह तय किया जाएगा कि कोई ठेकेदार किसी प्रोजेक्ट का अधिकतम कितना प्रतिशत काम सब-कॉन्ट्रैक्ट कर सकता है। सरकार का उद्देश्य सब-कॉन्ट्रैक्टिंग पर निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ राजमार्ग परियोजनाओं में काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
गडकरी ने हाल ही में पुणे में सामने आए एक मामले का जिक्र करते हुए राजमार्ग निर्माण की पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पंजाब-हरियाणा के एक ठेकेदार ने अनुमानित लागत से करीब 40 फीसदी कम कीमत पर बोली लगाकर ठेका हासिल किया था। इसके बाद ठेकेदार ने अपना कमीशन निकालकर काम किसी दूसरे ठेकेदार को सौंप दिया और उस ठेकेदार ने भी काम का एक हिस्सा तीसरे ठेकेदार को दे दिया। इस तरह कई स्तरों पर सब-कॉन्ट्रैक्टिंग होने के कारण काम की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हुई और सड़क बेहद खराब स्थिति में तैयार हुई। गडकरी ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने NHAI के मुख्य महाप्रबंधक को संबंधित ठेकेदार की बैंक गारंटी जब्त करने और उसे भविष्य के टेंडरों में हिस्सा लेने से रोकने यानी ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि नए ठेकेदारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तकनीकी योग्यता (Technical Qualifications) में जो ढील दी गई थी, वह एक 'गलती' साबित हुई। इसी ढील का फायदा उठाकर अयोग्य ठेकेदारों ने बहुत कम दरों पर टेंडर हासिल कर लिए और बाद में काम को आगे बेच दिया। अब इन नियमों को फिर से सख्त किया जाएगा ताकि केवल सक्षम और गुणवत्तापूर्ण काम करने वाली एजेंसियां ही राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर सकें।
Updated on:
19 Aug 2026 06:50 pm
Published on:
19 Aug 2026 06:50 pm
