
प्रतीकात्मक तस्वीर
Pakistan spy network:दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गैंग को पकड़ा है जो पाकिस्तान में बैठे लोगों के कहने पर काम कर रहा था। जांच में पता चला कि आरोपी एन्क्रिप्टेड मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए उनसे जुड़े हुए थे। इन ऐप्स का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा था ताकि बातचीत को ट्रैक करना मुश्किल हो सके। पुलिस के अनुसार, यह गैंग देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी। इस गैंग के लोग लगातार पाकिस्तान के निर्देशों पर संवेदनशील जगहों पर काम कर रहे थे।
जांच में पता चला कि इस गैंग में शामिल ज्यादातर लोग आम जिंदगी जीने वाले थे लेकिन वे सब धीरे-धीरे पाकिस्तानी लोगों से संपर्क में आए और उन्होंने इन लोगों को गैंग में शामिल किया। इस गैंग ने संवेदनशील जगहों की रेकी की थी। दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी कि इस गैंग ने एक मनप्रीत सिंह नाम का लड़का है जो एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए ही पाक हैंडलर्स के संपर्क में आया। मनप्रीत ने अपने दोस्त साहिल के साथ मिलकर 9 जगहों पर CCTV कैमरे लगवाए। साहिल 12वीं पास है और वॉलपेपर लगाने का काम करता है, लेकिन उसने इस काम में तकनीकी मदद दी। कैमरों को सही तरीके से लगाने और ठीक करने में अनमोल ने भी साथ दिया। वहीं अतुल राठी, जिसने न्यूजीलैंड से बिजनेस की पढ़ाई की है, भारत लौटने के बाद इस नेटवर्क से जुड़ गया। इसके अलावा रोहित, जो पोस्ट ग्रेजुएट है, अतुल के साथ पंजाब जाकर हथियार लाने में भी शामिल था।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने सेना और बीएसएफ से जुड़े कई अहम जगहों की पहले से जानकारी जुटाई थी। उन्होंने इन जगहों की फोटो और वीडियो बनाए और उन्हें पाकिस्तान में बैठे लोगों को भेज दिया। एक अन्य आरोपी गुरजीत सिंह ने अपने एक रिश्तेदार के जरिए सीमा पार संपर्क बनाया और उनके कहने पर आर्मी कैंट की जानकारी इकट्ठा की। ये लोग सुरक्षा एजेंसियों की हर गतिविधि पर नजर रखने की कोशिश भी कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार इन लोगों ने निगरानी रखने के लिए सोलर से चलने वाले सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया था। साथ ही जांच में सामंने आया है कि इस गैंग ने पाकिस्तानियों के निर्देशों पर अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर ड्रग्स की तस्करी को सुविधाजनक बनाने का भी काम किया था। पुलिस इस ममाले में गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।
Published on:
11 Apr 2026 03:01 pm
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