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संसद में गूंजा दिल्ली में भूख से मरने वाले 3 बच्चियों का मामला, चर्चा की मांग

बसपा सांसद सतीश मिश्रा ने राज्यसभा में दिल्ली में भूख से 3 बच्चियों की मौत का मामला उठाते हुए कहा कि सरकार तमाम योजनाओं की बात करती है लेकिन भूख से बच्चियों की मौत हो गई इस मामले में सरकार क्या कर रही है।

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संसद में गूंजा दिल्ली में भूख से मरने वाले 3 बच्चियों का मामला,

संसद में गूंजा दिल्ली में भूख से मरने वाले 3 बच्चियों का मामला, चर्चा की मांग

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पूर्वी मंडावली इलाके में भूख से एक परिवार के तीन बच्चियों के मौत का मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को यह मामला संसद में भी गूंजा। बसपा के एक सांसद ने मामला को उठाते हुए सरकार को घेरा और इस पर चर्चा करने की मांग की। बसपा सांसद सतीश मिश्रा ने राज्यसभा में दिल्ली में भूख से 3 बच्चियों की मौत का मामला उठाते हुए कहा कि सरकार तमाम योजनाओं की बात करती है लेकिन भूख से बच्चियों की मौत हो गई इस मामले में सरकार क्या कर रही है। इस पर जवाब देते हुए योजना राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि अभी मंत्रालय के पास जानकारी नहीं है कि मौत भूख से हुई है या फिर कोई और कारण है। लेकिन बच्चियों की मौत दुखद है। आगे उन्होंने कहा कि अखबार की रिपोर्ट गीता का पाठ नहीं है और उसकी पुष्टि की जानी चाहिए और तभी इस बारे में सदन में जवाब दिया जा सकता है। इस पर कांग्रेस नेता और सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मामला है और इस पर सदन के भीतर चर्चा की जानी चाहिए।

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मंगलवार को घटी थी घटना

आपको बता दें कि मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की भूख से मौत हो गई थी। जैसे ही यह मामला मीडिया में आया, उससे बाद इसने तेजी से तूल पकड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने बच्चियों की मौत की वजह जानने के लिए मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दे दिए हैं। दूसरी तरफ दिल्‍ली पुलिस उन बच्चियों का दोबारा से पोर्टमार्टम कराया। दूसरी तरफ उन बच्चियों के पिता का पता अब तक नहीं चला है। उनकी तलाश जारी है। वह मंगलवार को घर से काम पर निकले थे।

पोस्‍टमॉर्टम में हुआ खुलासा

चश्‍मदीदों ने बताया कि उन बच्चियों की हालत मंगलवार से ही खराब थी। उनके पास खाने पीने को कुछ नहीं था। वे पानी मांग रही थीं तो एक शख्स ने उन तीनों को पानी पिलाया। लेकिन इसके तुरत बाद वे उल्टी करने लगी। उस पड़ोसी ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। लाल बहादुर अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन बच्चियों का पिता भी मंगलवार की सुबह से ही लापता है। बताया जा रहा है कि वह काम की तलाश में निकला था।

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मात्र 8, 4 और 2 वर्ष थी उनकी उम्र

तीनों बच्चियों की मौत होने की वजह से पुलिस को यह मामला संदिग्‍ध लगा तो उसने उन तीनों का पोस्‍टमॉर्टम कराया। पुलिस को शक था कि आखिर ऐसा कैसे हो गया कि इन तीनों की मौत एक ही साथ हो गई। लेकिन पोस्‍टमॉर्टम जो खुलासा हुआ वह उस परिवार की कारुणिक स्थिति को बताने के लिए पर्याप्‍त था। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों बच्चियों की मौत भुखमरी के कारण हुई है। हालांकि अभी ये पता नहीं चल सका है कि ये तीनों कितने दिन से भूखी थीं। पुलिस के अनुसार, उन बच्चियों की उम्र मात्र आठ, चार और दो साल थी। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बच्चियों का पिता मंगलवार सुबह काम की तलाश में निकला था, लेकिन वह देर रात तक नहीं लौटा। वे मूलरूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। बच्चियों का नाम क्रमश: शिखा, मानसी और पारुल है। इनके परिवार में माता-पिता का नाम बीना और मंगल है। मंगल किराए पर रिक्शा लेकर चलाता था। उनका अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस उन्‍हें तलाश रही है।