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Rohini Building Collapse: 3 महीने पहले बनी नई इमारत आखिर क्यों भरभराकर गिरी? मृतकों की संख्या पहुंची 4, सामने आईं दो बड़ी आशंकाएं

Rohini Building Collapse: दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में एक नई पांच मंजिला इमारत गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में बिल्डिंग गिरने के पीछे दो आशंकाएं जताई जा रही है। मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है।
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नई दिल्ली

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Harshita Saini

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Updated: 9 Jul 2026, 12:19 PM IST

Rohini Building Collapse

दिल्ली के रोहिणी बिल्डिंग हादसे में 4 की मौत (Photo-IANS)

Delhi Building Accident: दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम एक नवनिर्मित पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसा इतना भयावह था कि आसपास के लोग दहशत में आ गए। मलबे में कई लोगों के दबने की सूचना के बाद पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। घंटों तक चले बचाव अभियान में कई लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन मृतकों की संख्या चार पहुंच गई है। फिलहाल मलबा हटाने का काम जारी है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

सिर्फ तीन-चार महीने पहले तैयार हुई थी इमारत

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस इमारत का मुख्य निर्माण कार्य करीब तीन से चार महीने पहले ही पूरा हुआ था। फिलहाल भवन में फिनिशिंग और अंदरूनी काम चल रहा था। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी नई इमारत बिना किसी बड़े निर्माण कार्य या बाहरी दबाव के अचानक कैसे ढह गई। इस घटना ने निर्माण की क्विलिटी और भवन निर्माण से जुड़े नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के आधार पर माना जा रहा है कि इमारत पहले हल्की धंसी और फिर कुछ ही सेकंड में पूरी तरह ढह गई। ऐस में दो आशंकाएं सामने आ रही हैं। पहली, भवन के ढांचे में तकनीकी खामी होना और दूसरा, निर्माण में निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल। हालांकि वास्तविक कारण तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

स्थानीय लोगों ने निर्माण में लापरवाही का लगाया आरोप

हादसे के बाद आसपास रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि इमारत के निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती गई थी। लोगों का कहना है कि यह टू-साइड ओपन बिल्डिंग थी, जिसके दोनों ओर बड़े छज्जे भी बनाए गए थे। स्थानीय लोगों का मानना है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि नियमों का पालन होता तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नए भवन के निर्माण के दौरान नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता की जांच जरूरी होती है।

पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच एजेंसियां निर्माण से जुड़े दस्तावेज, नक्शे की मंजूरी, इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री और इंजीनियरिंग रिपोर्ट की जांच कर रही हैं।

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