
सहारा निवेशकों का सुप्रीम कोर्ट के बाहर जोरदार प्रदर्शन
Sahara Refund News Supreme Court: अपनी गाढ़ी कमाई और लंबे समय से फंसे पैसों की वापसी की मांग को लेकर सहारा इंडिया के निवेशकों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर देखने को मिला। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के बाहर सैकड़ों सहारा निवेशकों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक प्रदर्शनकारी अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने और अपनी मांग की ओर ध्यान खींचने के लिए पास के एक पेड़ पर चढ़ गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले कई सालों से अपने जमा पैसों के रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन लगातार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल निवेशकों ने केंद्र सरकार और संबंधित प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की। उनका कहना है कि सरकार और अदालत ऐसे ठोस कदम उठाएं, जिससे उनका वर्षों से फंसा पैसा बिना किसी और देरी के वापस मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस मामले में लाखों छोटे और मध्यम वर्ग के परिवार लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे हैं। कई लोगों की जीवनभर की जमा-पूंजी फंस गई है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि जब तक उनकी खून-पसीने की कमाई का एक-एक रुपया वापस नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन और अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सहारा इंडिया की विभिन्न सहकारी समितियों में देशभर के 1,43,75,313 (करीब 1.44 करोड़) निवेशकों ने कुल 97,412.19 करोड़ रुपए का दावा किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू किए गए CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए 20 जनवरी 2026 तक 39,46,550 निवेशकों को 8,429.42 करोड़ रुपए वापस किए गए हैं। इसका मतलब है कि अब भी करीब 1.04 करोड़ निवेशकों के लगभग 88,983 करोड़ रुपए के दावे लंबित हैं और बड़ी संख्या में लोग अपनी जमा-पूंजी लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
रिफंड पाने के लिए निवेशकों को सहारा-सेबी रिफंड पोर्टल पर आवेदन करना होता है। आवेदन जमा होने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन सहारा इंडिया के सर्वर के माध्यम से किया जाता है। हालांकि, निवेशकों का आरोप है कि अक्टूबर 2025 से यह सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित है, क्योंकि दावा किया जा रहा है कि सहारा का सर्वर लंबे समय से बंद पड़ा है। उनका दावा है कि सर्विस प्रोवाइडर को भुगतान नहीं किए जाने के कारण सर्वर चालू नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही, दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़े कर्मचारियों ने भी भुगतान न मिलने का हवाला देते हुए काम बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इसी वजह से हजारों रिफंड आवेदन लंबित पड़े हैं और निवेशकों को अपनी जमा-पूंजी वापस मिलने में लगातार देरी हो रही है।
Updated on:
07 Aug 2026 03:19 pm
Published on:
07 Aug 2026 03:19 pm
