राघव के 'जहरीले माहौल' वाले बयान पर सौरभ भारद्वाज ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि राजनीति कोई कॉर्पोरेट नौकरी नहीं है जहां सिर्फ कंपनी बदली जाती है, यह विचारधारा की लड़ाई है। सौरभ ने कहा कि कंपनी छोड़ने वाले तीन महीने का नोटिस देते हैं, उसे बर्बाद करने की साजिश नहीं करते। आपने ईडी के डर से भाजपा से हाथ मिलाया और पीठ में छुरा घोंपा। आप जो संसद में मुद्दे उठाते थे (जैसे सस्ते समोसे, रिचार्ज नियम), वो सब भाजपा की स्क्रिप्ट थी ताकि आपकी छवि चमक सके।'