इमारत में चार स्तर की कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद राहुल बड़ी आसानी से घर के अंदर दाखिल हो गया। पुलिस के मुताबिक, उसे परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी और वह जानता था कि माता-पिता सुबह जिम जाते हैं, जबकि बेटी घर में अकेली रहती है। पूर्व कर्मचारी होने के कारण उसे घर के डिजिटल लॉक का पासकोड भी पता था और यह भी मालूम था कि अतिरिक्त चाबी कहां छिपाकर रखी जाती है। इतना ही नहीं, वह घर के कोने-कोने और पूरे लेआउट से अच्छी तरह वाकिफ था, जिसका फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया।