
किसानों पर लाठीचार्ज पर शिवसेना और खट्टर आमने-सामने
नई दिल्ली। हरियाणा के करनाल में बीते दिनों किसानों पर हुई लाठीचार्ज (lathicharge on farmers) की शिवसेना (Shivsena) ने आलोचना की है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में इसको लेकर हरियाणा की खट्टर सरकार पर निशाना साधा है। शिवसेना ने किसानों पर लाठीचार्ज की तुलना जलियांवाला बाग कांड (second jallianwala bagh) से करते हुए कहा कि सरकार को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। अब किसान सरकार की किस्मत का फैसला करेंगे। खट्टर सरकार के लदने के दिन आ गए हैं।
शिवसेना ने अपने मूकपत्र सामना (samna) में लिखा है कि हरियाणा में किसानों पर निर्घृण और अमानवीय लाठी हमला हुआ है। ये लाठी हमला साधारण नहीं है, ये अंधाधुंध गोली से भी ज्यादा भयंकर है। अफगानिस्तान में तालिबानी जिस तरह से हिंसात्मक घटनाओं को अंजाम देकर इंसानों को मार रहे हैं, उसी तालिबानी तरीके से हरियाणा में भाजपा सरकार ने सैकड़ों किसानों के सिर फोड़कर भारत माता की भूमि को खून से भिगो दिया है। एक ओर देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और दूसरी ओर इस तरह का खून-खराबा। किसानों के सिर फूटने तक मारो, आंदोलन के लिए उतरे किसानों के सिर पर निशाना साधकर लाठी-डंडे मारो।
हरियाणा के उपजिलाधिकारी के वीडियो का जिक्र
इसमें हरियाणा के एक उपजिलाधिकारी आयुष सिन्हा का वायरल वीडियो का भी जिक्र किया गया, जिसमें वो पुलिसकर्मियों को कह रहे हैं कि किसानों को सिर फूटने तक मारो, आंदोलन के लिए उतरे किसानों के सिर पर निशाना साधकर लाठी-डंडे मारो, उनका सिर फूटना ही चाहिए। शिवसेना ने कहा कि उपजिलाधिकारी का आदेश सरकारी आदेश होता है। कथित रूप से किसानों की हितैषी सरकार उनकी जान लेने पर उतारू है।
हरियाणा सरकार को जाना होगा
शिवसेना का कहना है कि हरियाणा सरकार ने अन्नदाताओं के साथ जो किया है, वो कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। खट्टर सरकार को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। अब किसान सरकार की किस्मत का फैसला करेंगे। अब राज्य की खट्टर सरकार को जाना होगा। गौरतलब है कि हाल ही में करनाल में किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई किसान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
Published on:
30 Aug 2021 01:03 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
