
Old criminal laws
Old penal laws: अंग्रेजों के जमाने से लागू दंडात्मक कानून आगामी एक जुलाई बदल जाएंगे। गत फरवरी में केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के बाद पुराने दंड कानूनों के स्थान पर नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम एक जुलाई से लागू होंगे।
जिले में भी पुलिस प्रशासन द्वारा नए कानूनों के लिए अमले को तैयार कर दिया गया है और विवेचकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। अंग्रेजों द्वारा बनाए गए आईपीसी, सीआरपीसी और एविडेंस एक्ट को बदलकर नए नाम के साथ कुछ धाराएं बदली गई है, तो कुछ नई जोड़ी गई हैं।
इसके साथ ही कुछ अपराधों में सजा बढ़ाई गई है तो कुछ में कम की गई है। विशेष बात यह है कि नए कानूनों में डिजिटल साक्ष्यों को महत्व दिया गया है। साथ ही नए प्रावधानों से आम तौर पर अदालतों से जल्दी न्याय मिलने का रास्ता सुगम होगा।
जिले में तीनों नए कानूनों की धाराओं के अनुरूप अपराध पंजीबद्ध करने और विवेचना करने के लिए अब विवेचकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसके तहत जिले के सभी 263 विवेचकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इनमें प्रधान आरक्षक से लेकर सहायक उपनिरीक्षक, उप निरीक्षक, निरीक्षक और एसडीओपीस्तर तक के विवेचना अधिकारी शामिल हैं।
इनमें कुछ अधिकारियों ने भोपाल और ग्वालियर में जाकर प्रशिक्षण लिया, जबकि शेष को श्योपुर में 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षित किया गया। उल्लेखनीय है कि श्योपुर में 20 थाने और 4 पुलिस चौकी हैं।
Published on:
02 Jun 2024 03:10 pm
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