
MP Electricity Bill: एमपी में बिजली कंपनियों की मनमानी, हर महीने वसूल रही हैं फ्यूल सरचार्ज, उपभोक्ता की खाली हो रही जेब। (फोटो सोर्स: patrika)
MP Electricity Bill: बिजली दरों में हालिया वृद्धि के बाद अब उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज का अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा है। बिजली क्पनी हर माह फ्यूल सरचार्ज की दरों में बदलाव कर रही है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं के बिल पर दिखाई दे रहा है। स्थिति यह है कि समान यूनिट खपत होने के बावजूद हर माह बिजली बिल की राशि बदल रही है, जबकि अधिकांश उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी तक नहीं होती। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी इसका आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़े हुए टैरिफ के बाद फ्यूल सरचार्ज की वसूली उपभोक्ताओं पर दोहरी मार साबित हो रही है।
दरअसल फ्यूल सरचार्ज बिजली के उत्पादन में इस्तेमाल किए जाने वाले कोयले, गैस या अन्य ईंधनों की लागत वाली राशि है। लागत बढ़ती है तो कंपनियां इसकी वसूली भी उपभोक्ताओं से ही करती हैं। यह राशि प्रतियूनिट के हिसाब से तय की जाती है। इस राशि में हर महीने बदलाव संभव है। यही कारण है कि हर महीने उपभोक्ता की सेम यूनिट बिजली खपत के बावजूद उसका बिल कभी सेम नहीं आता।
MP में बिजली उत्पादन (MP Electricity Production) और खरीदी में उपयोग होने वाले ईंधन की लागत को ध्यान में रखते हुए विद्युत नियामक आयोग फ्यूल सरचार्ज की व्यवस्था निर्धारित करता है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि या कमी होने पर बिजली कंपनियां फ्यूल सरचार्ज में बदलाव करती हैं।
बता दें, उत्तर प्रदेश सरकार ने विद्युत अधिनियम की धारा-108 के तहत राज्य विद्युत नियामक आयोग को आवश्यक निर्देश जारी किए थे। इसके बाद वहां फ्यूल सरचार्ज (MP Electricity Fuel Surcharge) की वसूली पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई थी। ऐसे में प्रदेश के उपभोक्ता संगठन भी राहत की मांग कर रहे हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि देखने में यह राशि कम लगती है, लेकिन जब सालभर का हिसाब लगाने बैठें तो यह सैंकड़ों से हजारों रुपए तक पहुंच जाती है। तब ये खर्च मामूली नहीं बड़ा लगता है। हाल ही में जब टैरिफ में वृद्ध की गई है, तो फिर फ्यूल सरचार्ज की अलग से राशि पर कंपनियों को पुनर्विचार जरूर करना चाहिए। ताकि आम आदमी की जेब पर हर महीने का अतिरिक्त बोझ न बढ़े।
टैरिफ बढ़ोतरी (MP Electricity Tariff) के बाद भी हर माह फ्यूल सरचार्ज वसूला जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं होती, जिसका लाभ बिजली कंपनी (MP Electricity Power Companies) को मिलता है।
- राजेंद्र अग्रवाल, सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता
Updated on:
13 Jun 2026 10:40 am
Published on:
13 Jun 2026 10:27 am
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