
CG News: सिरपुर को विश्व धरोहर बनाने की मुहिम को लेकर महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने लोकसभा में आवाज उठाई। शून्य काल के दौरान सिरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहर को उजागर करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से इसके उत्खनन और संरक्षण के लिए ठोस योजना बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सिरपुर न केवल 5वीं से 8वीं शताब्दी के दौरान दक्षिण कोसल की राजधानी रहा, बल्कि यह बौद्ध, जैन और हिंदू संस्कृति के समन्वय का जीवंत उदाहरण भी है।
यहां लक्ष्मण मंदिर, राम मंदिर, गंधेश्वर महादेव मंदिर सहित कई ऐतिहासिक धरोहर हैं, जो भारतीय स्थापत्य और मूर्तिकला की उत्कृष्ट कृतियां हैं। सांसद ने केंद्र सरकार से यह भी अनुरोध किया कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिले।
उन्होंने सदन में जोर देकर कहा, जिनका इतिहास नहीं होता और जिन्हें अपने इतिहास पर गर्व नहीं होता, उनका वर्तमान भी नहीं होता। सरकार इसे उचित संरक्षण और प्रचार-प्रसार दे, तो यह स्थल न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए गौरव का विषय बन सकता है।
केंद्र और राज्य सरकार से मांग
सांसद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार इस मांग को गंभीरता से लेगी और सिरपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस योजनाएं बनाएंगी । भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूती ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण से भारत की वैश्विक पहचान एक सांस्कृतिक महाशक्ति के रूप में और मजबूत होगी। बौद्ध धर्म से जुड़े देशों में भारत की छवि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।
Updated on:
20 Mar 2025 08:11 am
Published on:
20 Mar 2025 08:10 am
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