देश की रक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए पेश किए गए आर्मर्ड प्लेटफॉर्म ट्रैक्ड (चेनयुक्त) और व्हील्ड (पहियायुक्त) दोनों रूपों में तैयार किए गए हैं। भारतीय सेना अलग-अलग ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से इनका प्रयोग कर पाएगी। ट्रैक्ड संस्करण रेगिस्तानी, पहाड़ी और कठिन इलाकों में बेहतर गतिशीलता प्रदान करेगा, जबकि व्हील्ड संस्करण शहरी क्षेत्रों, मैदानी इलाकों और सड़क नेटवर्क पर तेजी से तैनाती के लिए उपयुक्त है। ये दोनों वेरिएंट में हाइड्रो जेट सिस्टम लगा है, जिसकी मदद से ये नहरों, नदियों और जल क्षेत्रों को आसानी से पार कर सकते हैं। यह क्षमता इन्हें एम्फीबियस (जल-स्थल दोनों में सक्षम) बनाती है।