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Jaipur Sewer Tragedy: जयपुर में सीवर टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा, अंदर घुसे 2 मजदूरों की मौत

Jaipur Sewer Tragedy: जयपुर में सीवर लाइन की सफाई के दौरान शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया, जिसमें दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई। यह घटना झोटवाड़ा जोन के 200 फीट रोड क्षेत्र में हुई।

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जयपुर

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Kamal Mishra

Apr 17, 2026

Jaipur Sewer Tragedy

हादसे के बाद कावंटिया अस्पताल के बाहर लगी भीड़ (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। जयपुर। राजधानी के झोटवाड़ा इलाके में सीवर लाइन में उतरकर काम कर रहे दो ठेका कर्मचारियों की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत ने एक बार फिर व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर कर दी है। निवारू रोड स्थित शेखावत मार्ग पर हुई इस घटना में शास्त्री नगर निवासी अजय (41) और बनीपार्क निवासी रामबाबू (40) की जान चली गई।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतरने पर रोक के बावजूद नगर निगम की अनदेखी ने इस हादसे को जन्म दिया। सवाल यह है कि आखिर कब तक सिस्टम की लापरवाही मजदूरों की जान लेती रहेगी।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों के साथी कर्मचारी भी भाग गए। निगम और ठेके पर काम करने वाले अन्य लोगों ने दोनों को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को कांवटिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

आवाज नहीं मिली तो दूसरा भी उतरा

दोपहर करीब तीन बजे अजय सीवर लाइन में उतर गया। इसके बाद ऊपर से रामबाबू ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में रामबाबू भी सीवर लाइन में उतर गया। सीवर लाइन में मीथेन गैस से दोनों का दम घुट गया।

ठेकेदार-अधिकारियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग

संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूर्व में यूनियन ने निगम प्रशासन को बताया था कि बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर लाइनों में कर्मचारियों को उतारा जा रहा है, उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। संघ की ओर से ठेकेदार, एईएन, जेईएन और एक्सईएन की गिरफ्तारी, मृतकों के परिवार में 1-1 व्यक्ति को सरकारी नौकरी और 1-1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई है। मृतकों के परिजनों ने मांगे पूरी न होने तक शवों का पोस्टमार्टम न होने देने और राजस्थान भर में सफाईकर्मियों के कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।

ये जिम्मेदार

सोनू चौधरी, एक्सईएन, झोटवाड़ा जोन: काम मानकों के अनुरूप हो, इसकी जिम्मेदारी जोन के एक्सईएन की है।

अरविंद शेखावत, शेखावत कंस्ट्रक्शन: सीवर सफाई का ठेका इनके पास है, लेकिन पैसा बचाने के चक्कर में पर्याप्त साधन ही नहीं दिए।

'इस घटना की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए कमेटी बनाएंगे और जिस स्तर पर भी लापरवाही सामने आएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।' -ओम कसेरा, आयुक्त, नगर निगम

क्या कहती हैं सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन

  • सीवर और सेप्टिक टैंक में मानव प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध
  • सफाई कार्य मशीनों के जरिए ही किया जाए
  • आपात स्थिति में ही एंट्री, वह भी पूरे सुरक्षा किट के साथ
  • बिना पीपीई, गैस डिटेक्टर और ऑक्सीजन सपोर्ट के उतरना अवैध
  • हादसे में मौत पर मुआवजे का प्रावधान