
मध्यप्रदेश में हाल ही में लोकसभा चुनाव खत्म हुए हैं और उपचुनाव की भी घोषणा हो गई है। 10 जुलाई को छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट (amarwara assembly constituency) के लिए उपचुनाव होने वाला है। भाजपा ने अपना उम्मीदवार तय कर दिया है, जबकि कांग्रेस सरगर्मी से अपने उम्मीदवार की तलाश कर रही है।
मध्यप्रदेश में 10 जुलाई को उपचुनाव की वोटिंग होगी। एक सीट पर होने वाला यह चुनाव छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट (amarwara vidhan sabha by election 2024) पर होगा। यहां पर कांग्रेस विधायक रहे कमलेश शाह ने कुछ दिन पहले विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद यहां के लिए उपचुनाव की घोषणा हुई थी।
भाजपा की ओर से कमलेश शाह (kamlesh shah) का टिकट लगभग तय माना जा रहा है। कमलेश शाह 2013, 2018 और 2023 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीत कर आए थे। थोड़े दिन बाद ही जब लोकसभा चुनाव आए तो कमलेश शाह भाजपा में शामिल हो गए थे।
कांग्रेस ने यहां रायशुमारी के लिए कमेटी भी बना दी है। इस कमेटी में पूर्व विधायक सुखदेव पांसे और सुनील जैसवाल को रखा है। यह दोनों ही नेता अमरवाड़ा जाएंगे और बैठक करेंगे। इसके लिए छिंदवाड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक बुलाई है। इसमें दावेदारों के नामों पर चर्चा होगी। इन नेताओं के नामों की पैनल बनाकर प्रदेश कांग्रेस को भेजे जाएंगे।
इस बारे में सुखदेव पांसे कहते हैं कि आने वाले गुरुवार को जिला कांग्रेस की अमरवाड़ा में बैठक है। उपचुनाव को लेकर चर्चा होगी। यहां जो भी फैसला होगा और जो दावेदार सामने आएंगे, उन सभी की रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद उनकी बुधनी विधानसभा सीट भी खाली होने वाली है। शिवराज ने फिलहाल इस्तीफा नहीं दिया है, इसलिए बुधनी के लिए उपचुनाव की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है। इस सीट से शिवराज के बेटे कार्तिकेय का नाम भी चर्चाओं में आ गया है। वे काफी समय से बुधनी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं। कार्तिकेय के अलावा विदिशा से पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को भी यहां से उतारा जा सकता है। इनके अलावा पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह, रवीश चौहान, गुरुप्रसाद शर्मा, रघुनाथ भाटी, रवि मालवीय के नाम भी दावेदारों में शामिल हो सकते हैं।
कमलनाथ (kamal nath) का क्षेत्र होने के कारण अमरवाड़ा में भी प्रतिष्ठा पर दांव लगा रहेगा। लोकसभा चुनाव में नकुलनाथ (nakul nath) और कमलनाथ को नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में एक बार फिर कमलनाथ के गढ़ में कमलनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी रहेगी।
Updated on:
11 Jun 2024 05:51 pm
Published on:
11 Jun 2024 05:50 pm
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