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जान हथेली पर रखकर पढ़ाई कर रहे 30 हजार बच्चे! 590 स्कूलों की हालत जर्जर, छतों से टपक रहा पानी

condition of MP Government Schools: झाबुआ जिले के 200 स्कूलों की छतें बारिश में टपकती हैं और 390 स्कूलों को मरम्मत की दरकार है। 30 हजार से ज़्यादा बच्चे हर साल खतरे में पढ़ते हैं। (MP News)

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झाबुआ

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Akash Dewani

Jun 12, 2025

condition of MP Government Schools

condition of MP Government Schools

MP News: झाबुआ शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े जिले में शुमार आदिवासी अंचल झाबुआ के स्कूल भवनों की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। यहां 200 ऐसे प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवन है, जहां बारिश में पानी टपकता है। वहीं 390 स्कूल भवन में मरम्मत की दरकार है। इसके लिए जिला शिक्षा केंद्र ने कल 63 करोड़ 63 लाख 75 हजार रुपए का प्रस्ताव तैयार कर राज्य शिक्षा केंद्र को भेजा है। दरअसल जिला शिक्षा केंद्र से सालाना प्लान भेजा जाता है। जिसमें क्षतिग्रस्त और जीर्ण शीर्ण स्कूल भवनों की भी जानकारी होती है। यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। (condition of MP Government Schools)

किन-किन क्षेत्रों में स्कूलों की हालत जर-जर

अकेले थांदला विकासखंड में 111 स्कूल भवन जीर्ण शीर्ण हो रहे हैं। जबकि झाबुआ विकासखंड में 39, राणापुर में 35, पेटलावद में 57, मेघनगर में 34 और रामा विकासखंड में 23 ऐसे स्कूल भवन है जिनकी छतों से पानी टपकता है। इनमें से प्रत्येक के निर्माण पर 18 लाख 50 हजार रुपए के मन मान से कुल 55 करोड़ 31 लाख 50 हजार रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

इसके अलावा 390 ऐसे स्कूल भवन भी हैं जिनकी मरम्मत की दरकार है। इसके लिए कुल 8 करोड़ 32 लाख 25 हजार रुपए का प्रस्ताव राज्य शिक्षा केंद्र को भेजा गया है। खास बात ये है कि इसके लिए हर साल राशि स्वीकृति का प्रस्ताव राज्य शिक्षा केंद्र को भेजा गया, लेकिन इसमें बहुत अधिक प्रगति नहीं हुई।

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लेतलाली का असर इस तरह

जल्द ही मानसून सीजन आने वाला है। ऐसे में निश्चित तौर पर स्कूल भवन में पानी टपकेगा। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी। वहीं छत भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। ऐसे में किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। इन स्कूलों में करीब 30 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत है।

हादसे की आशंका को देखते हुए गत वर्ष जिले में 235 जीर्ण शीर्ण स्कूल भवन को जमींदोज किया गया था। ऐसे में अब शासन से नए भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए तो प्रस्ताव भेजे गए हैं। वहीं कलेक्टर नेहा मीना ने स्वयं के प्रयासों से खनिज मद में 25 भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ 71 लाख 25 हजार की राशि मंजूर करवा दी है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं 25 अन्य भवन निर्माण के लिए भी स्थानीय स्तर से प्रस्ताव तैयार किया गया है।

राज्य शिक्षा केंद्र को प्रस्ताव भेजा है

जो प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवन जीर्ण शीर्ण हो रहे हैं उनकी मरम्मत के लिए राशि स्वीकृति का प्रस्ताव राज्य शिक्षा केंद्र को भेजा गया है। रालूसिंह सिंगार, डीपीसी, जिला शिक्षा केंद्र, झाबुआ