
MP Board exam 2026 प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP Board exam 2026: एमपी में दसवीं-बारहवीं की परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होगी। परीक्षा में नकल रोकने के लिए परीक्षार्थी के साथ शिक्षकों की भी जांच की जाएगी। परीक्षा के दौरान शिक्षक अपने साथ मोबाइल नहीं रख सकेंगे। यह व्यवस्था सभी परीक्षा केन्द्रों पर रहेगी। राजधानी में 105 केन्द्रों पर 40 हजार परीक्षा परीक्षार्थी शामिल होंगे।
मंडल ने प्रवेशपत्र जारी कर दिए हैं। अब परीक्षा इंतजामों की तैयारी की जा रही है। इसमें जिन शिक्षकों की ड्यूटी होगी उनकी परीक्षा से पहले ही जांच की जाएगी। मंडल ने हर जिले से शिक्षकों की लिस्ट मांगी है। इसमें नाम के साथ शिक्षकों की संतानों और उनकी योग्यता के बारे में जानकारी देना है।
परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को परीक्षा केन्द्रों के नाम परीक्षा से ठीक पहले बताएं जाएंगे। इसकी सूचना शिक्षकों को ऑनलाइन मिलेगी। यह व्यवस्था परीक्षा में गड़बड़ी न हो इसके लिए की गई है।
परीक्षा केन्द्र आवंटित करते हुए मंडल ने प्रवेश पत्र जारी किए हैं। परीक्षा इंतजामों की तैयारी पूरी हो चुकी है। शिक्षकों के नाम तय होना बाकी है। मुकेश मालवीय, रजिस्ट्रार माध्यमिक शिक्षा मंडल
जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा (MP Boards 2026) के परिणामों का प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। नए परीक्षा पैटर्न का ब्लू प्रिंट मंडल की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, जिससे छात्र अभी से अपनी तैयारी नए स्वरूप के अनुसार शुरू कर सकें।
इस संबंध में मंडल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राचार्यो को ऑनलाइन बैठक के माध्यम से जानकारी दी। नए पैटर्न (MP Boards 2026 Exam Pattern) के अनुसार अब दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का प्रतिशत बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया गया है। पहले ये प्रतिशत 25 फीसदी था। इससे छात्रों को लंबे-लंबे उत्तर लिखने की बाध्यता कम होगी और परीक्षा अपेक्षाकृत सरल हो सकेगी। मंडल का मानना है कि इस बदलाव से विद्यार्थियों के पास होने की संभावना बढ़ेगी और परीक्षा परिणामों में सुधार होगा।
Updated on:
23 Jan 2026 01:04 pm
Published on:
23 Jan 2026 11:49 am
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