श्रावण मास के प्रथम दिन तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के प्राचीन कोटि तीर्थ घाट पर मां नर्मदा की महाआरती का शुभारंभ हुआ। प्रशासन और मंदिर संस्थान के सहयोग से कोटितीर्थ आरती स्थल को भव्यता दी जाएगी, ताकि देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्री हरिद्वार, ऋषिकेश की तरह बाबा ओंकार की नगरी में मां नर्मदा के तट पर होने वाली इस महाआरती में शामिल हो सके। साथ ही यह महाआरती देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएगी।
कई वर्षों से कोटितीर्थ घाट पर होने वाली पारंपरिक महाआरती बंद थी। कलेक्टर ऋषव गुप्ता की पहल पर श्रावण मास में इसे फिर से आरंभ किया गया है। श्रावण मास के पहले दिन शुक्रवार को जिला प्रशासन और मंदिर संस्थान द्वारा शाम में मां नर्मदा की महाआरती शुरू की। वैदिक आचार्यजन ने विधि विधान से भव्यता के साथ मां नर्मदा का पूजन, अभिषेक एवं महाआरती की। महाआरती के बाद कोटितीर्थ घाट पर दीपदान भी किया गया। जिसमें आटे से बने दीपों का उपयोग किया गया, ताकि मां नर्मदा की स्वच्छता बनी रहे।
श्रावण के पहले दिन 25 हजार श्रद्धालु पहुंचे
शुक्रवार से शुरू हुए श्रावण मास के पहले दिन तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में 25 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। मां नर्मदा स्नान कर श्रद्धालुओं ने ज्योतिर्लिंग दर्शन किए। शनिवार-रविवार और श्रावण के पहले सोमवार को तीर्थनगरी में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। कलेक्टर श्रषव गुप्ता ने बताया कि भीड़ को देखते हुए तीन पार्किंग के साथ ट्रेचिंग ग्राउंड की भी पार्किंग शुरू की जा रही है। दर्शनों की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी, यदि भीड़ बढ़ती है तो व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।