
आज का पंचांग 19 अक्टूबर 2018: विजयादशमी पर्व आज
ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति आश्विन 27 शक संवत् 1940 आश्विन शुक्ल दशमी शुक्रवार विक्रम संवत् 2075। सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 03 सफर 9 हिजरी 1440 तदनुसार अंग्रेजी तारीख 19 अक्टूबर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, शरद ऋतु।
राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। दशमी तिथि सायं 5 बजकर 58 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ, शूल योग पूर्वाह्न 10 बजकर 42 मिनट तक उपरांत गण्ड योग का आरंभ, गर करण सायं 5 बजकर 58 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ।
चंद्रमा अपराह्न 2 बजकर 2 मिनट तक मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा। आज ही पंचक प्रारंभ अपराह्न 2 बजकर 2 मिनट, विजयादशमी (दशहरा), बुध विशाखा नक्षत्र में सायं 4 बजकर 17 मिनट, नवरात्रे प्रारंभ, भरत मिलाप।
आज जन्म लिए बच्चो के नाम (ग, गी, गू, गे, गो) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से स्थूल होंगे। विज्ञान के प्रति इनका विशेष आर्कषण रहेगा। व्यसनों के मामले में थोड़े से कच्चे रहेंगे। हमेशा बदला लेने की प्रवत्ति हावी रहेगी।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।
Updated on:
19 Oct 2018 10:40 am
Published on:
19 Oct 2018 10:40 am
