
Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल संसद में पास हो गया है। 13 घंटे तक चली बहस के बाद इसको राज्यसभा में पारित कर दिया गया है। इसके समर्थन में 128 और विपक्ष में 93 वोटिंग हुई। इससे पहले लोकसभा में भी करीब 12 घंटे की मैराधन बहस के बाद पास किया गया। इस दौरान पक्ष और विपक्ष नेताओं ने इस पर अपनी राय रखी। मोदी सरकार ने दावा किया है कि इस विधेयक के कारण देश के गरीब और पसमांदा मुसलमानों के साथ इस समुदाय की महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने में काफी मदद मिलेगी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक में जिस परमार्थ आयुक्त (चैरिटी कमिश्नर) की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका काम सिर्फ देखरेख का होगा कि वक्फ बोर्ड और उसके तहत आने वाले जमीनों का प्रबंधन ठीक से किया जा रहा है या नहीं। इसके माध्यम से सरकार और वक्फ़ बोर्ड मस्जिद सहित किसी धार्मिक संस्था के किसी धार्मिक कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। विधेयक में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई अपनी जमीन वक्फ़ को देना चाहता है तो उसमें विधवा या तलाकशुदा महिला अथवा यतीम बच्चों के अधिकार वाली संपत्ति को वक्फ़ नहीं ले सकता।
किरेन रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने के बाद लागू होने वाले कानून को नया नाम ‘उम्मीद’ (यूनिफाइड वक्फ़ मैनेजमेंट एम्पॉवरमेंट, एफिशियंसी एंड डवलपमेंट) अधिनियम दिया गया है। इसका नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तीकरण, दक्षता और विकास (यूएमईईडी) कर दिया गया है। सरकार ने संदेश किया है कि यह मैनेजमेंट एम्पॉवरमेंट के साथ एफिशियंसी और डवलपमेंट पर काम करेगा। इसके साथ यह भी कहा गया है कि इससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
रिजिजू ने कहा कि केंद्रीय वक्फ परिषद में 22 सदस्य शामिल होंगे। चार से ज्यादा गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होंगे। इसमें तीन संसद सदस्य (सांसद), 10 सदस्य मुस्लिम समुदाय शामिल होंगे, इनमें 2 महिलाओं का होना जरूरी है। इनके अलावा सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दो पूर्व न्यायाधीश, राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त एक अधिवक्ता, विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त चार व्यक्ति, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव को भी होंगे।
Published on:
04 Apr 2025 12:35 pm
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