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जल संकट: अस्पताल में भर्ती मरीजों व तीमारदारों को निस्तार के लिए जाना पड़ रहा सुलभ शौचालय

-अस्पताल के कई वार्डों में नहीं पहुंच रहा डेढ़ दिनों से पानी, टॉयलेट भी कई वार्डों के पड़े चोक। -सभी बोर सूखे, स्टोरेज टंकियां भी नहीं भर पा रहीं, टेंकरों से पानी उपलब्ध कराने मजबूर प्रबंधन

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दमोह

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Aakash Tiwari

Jul 18, 2024

-अस्पताल के कई वार्डों में नहीं पहुंच रहा डेढ़ दिनों से पानी, टॉयलेट भी कई वार्डों के पड़े चोक।
-सभी बोर सूखे, स्टोरेज टंकियां भी नहीं भर पा रहीं, टेंकरों से पानी उपलब्ध कराने मजबूर प्रबंधन
दमोह. जिला अस्पताल में इन दिनों भर्ती मरीजों को निस्तार के लिए पानी नहीं मिल रहा है। पानी उपलब्ध कराने में अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। ढेड़ दिन से भर्ती वार्ड में पानी नहीं है। इस वजह से मरीजों व तीमारदारों को निस्तार के लिए अस्पताल के बाहर सुलभ शौचालय जाना पड़ रहा है। पत्रिका ने पानी की समस्या के संबंध में अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड पहुंचकर पड़ताल की। यहां पर वार्ड मरीजों से खचाखच भरा हुआ था। भर्ती मरीजों से बात की तो पता चला कि टॉयलेट में डेढ़ दिन से पानी नहीं आ रहा है। टॉयलेट में पानी न होने से भारी बदबू भी आ रही है। भर्ती मरीजों ने बताया कि निस्तार के लिए सुलभ शौचालय जाना पड़ता है। वहीं, जब उनसे पूछा कि आपने इसकी शिकायत की तो मरीजों का कहना था कि राउंड पर आने वाले डॉक्टरों को बता चुके हैं। सफाई वालों को भी बताया है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
-यहां पर चोक पड़े टॉयलेट
पड़ताल के दौरान मेल मेडिकल वार्ड और एक प्राइवेट रूम में टॉयलेट चोक की समस्या मिली। बताया गया है कि यहां पर सभी टॉयलेट काफी दिनों से चोक पड़ी हुई है। साफ है कि इन वार्डों में भर्ती मरीजों को नहाने व अन्य निस्तार के लिए सुलभ शौचालय ही जाना पड़ रहा है। महिला मेडिकल वार्ड में टॉयलेट चोक की समस्या थी, लेकिन कुछ दिन पहले प्रबंधन ने मरम्मत कराकर चोक खुलवा दिया है।
२ लाख लीट पानी की जरूरत…
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. विशाल शुक्ला से जब इस संबंध में बात की तो उनका कहना था कि नगर पालिका की सप्लाई लाइन से एक दिन छोड़ पानी आता है। जितनी मात्रा में पानी चाहिए, वह नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन २ लाख लीटर पानी की जरूरत है। वर्तमान में ५० फीसदी पानी ही स्टोर कर पा रहे हैं। बोर के संबंध में बात की तो उनका कहना था कि अस्पताल में बने सभी बोर लगभग सूख चुके हैं।
-१० पानी के टेंकर बुलाने पड़ रहे
जल संकट दूर करने के लिए अस्पताल प्रबंधन १० टेंकर पानी खरीद रहा है। हालांकि इसके बाद भी पानी की किल्लत दूर नहीं हो रही है। प्रबंधन की माने तो मई महीने से पानी की किल्लत हो रही है, जो जुलाई महीने में भी बनी हुई है।
यह बोले मरीज…..

डॉक्टर बोले आराम करना, पर यहां सुलभ तो जाना पड़ रहा
हटा निवासी ६५ साल की कुसुम रानी रायकवार ने बताया कि वह तीन दिन पहले भर्ती हुई थी। खून की कमी बताई थी। डॉक्टर ने बोला है कि चलना-फिरना नहीं है, लेकिन वार्ड में डेढ़ दिन से पानी नहीं है। बच्चा भी परेशान हो रहा है। दोनों सुलभ शौचालय जाते हैं। शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन प्रबंधन पानी की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।
पीने के बाद अब निस्तार के लिए हो रहे परेशान
चैनपुरा निवासी हीराबाई ७० ने बताया कि उसे चार दिन हो गए हैं भर्ती हुए। पीने का पानी तो यहां पर नहीं मिलता है। कुप्पा भरकर रखना पड़ रहा है। वहीं निस्तार के लिए टॉयलेट में एक बूंद पानी नहीं आ रहा है। इस वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां पर मरीजों की सुनने वाला भी कोई नहीं है।

फैक्ट फाइल
-जिला अस्पताल में दो लाख लीटर पानी की जरूरत
-एक लाख लीटर पानी मिल रहा एक दिन छोड़।
-आधा दर्जन वार्ड में पानी की समस्या।
-दो वार्डों में टॉयलेट पड़े चोक।
-नपा से टेंकर मंगाने मजबूर प्रबंधन

फैक्ट फाइल

१३ वार्ड संख्या
३५० ओपीडी
३४८ भर्ती मरीज