गरीबों के लिए मसीहा बने अनूप खन्ना, हर दिन हजारों जरूरतमंदों को कराते हैं भोजन

lokesh verma

Publish: Jan, 14 2018 09:18:59 AM (IST)

Noida, Uttar Pradesh, India
गरीबों के लिए मसीहा बने अनूप खन्ना, हर दिन हजारों जरूरतमंदों को कराते हैं भोजन

सिर्फ पांच रुपये में देते हैं देशी घी से बना खाना आैर दस रुपये में ब्रांडेड कपड़े

नोएडा. बढ़ती महंगार्इ के इस दौर में देश में भुखमरी के चलते जहां हजारों लोग काल के गाल में समा रहे हैं। वहीं नोएडा में स्वतंत्रता सेनानी का एक बेटा नजीर पेश कर रहा है। बता दें कि अनूप खन्ना नाम का ये व्यक्ति उन गरीबों का मसीहा है, जिनके पास पैसे तो होते हैं, लेकिन इतने नहीं की वे उनसे अपना पेट भर सकें। वे हर रोज पांच रुपये में करीब एक हजार लोगों को शुद्ध देशी घी से बना खाना बांटते हैं। इतना ही नहीं वे मात्र दस रुपये में ब्रांडेड कपड़े भी देते हैं। खाना खिलाने के लिए वह खुद नोएडा के सेक्टर-17 आैर सेक्टर-29 स्थित गंगा शाॅपिंग काॅम्लेक्स पहुंचते हैं। जहां जरूरतमंद लोग उनकी टाइमिंग के अनुसार खुद खाना लेने पहुंच जाते है। अपने इस अभियान को अनूप खन्ना ने दादी की रसोर्इ नाम दिया है।

मूलरूप से मुरादाबाद निवासी अनूप खन्ना स्वतंत्रता सेनानी के बेटे हैं। वह 1984 से अपने परिवार के साथ नोएडा में रहते हैं। वे सेक्टर-29 में अपनी केमिस्ट शाॅप चलाने के साथ ही केमिस्ट एसोसिएशन आैर पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। अनूप खन्ना बिहार से लेकर नेपाल में आने वाली बाढ़ के पीड़ितों की मदद में भी सबसे आगे रहते हैं। खन्ना पिछले ढार्इ साल से दादी की रसोर्इ के नाम से लोगों को पांच रुपये में देशी घी से बना खाना खिलाते हैं। इसके साथ ही दस रुपये गरीबों को ब्रांडेड कपड़े देते हैं।

दादी की रसोर्इ के नाम से खिलाते है, पांच रुपये में खाना खुद वहन करते सारा खर्च

अनूप खन्ना दादी की रसोर्इ के नाम से खुद शुद्ध देशी घी से बना खाना तैयार कर लाेगों को पांच रुपये में खिलाते हैं। अनूप खन्ना हर दिन सुबह सेक्टर-17 आैर सेक्टर-29 स्थित गंगा शाॅपिंग काॅम्लेक्स में खुद लोगों को पांच रुपये खाना परोसते हैं। इतना ही नहीं उनका यह खाना खाने के लिए जरूरतमंदों की भारी भीड़ जमा हो जाती है। खन्ना पांच रुपये में खाना खिलाने के साथ ही इस दौरान अन्न के बेकार न जाने आैर गंदगी न होने का भी पूरा ध्यान रखते हैं। अनूप खन्ना ने बताया कि खाने में आने वाला सारा खर्च वह खुद अपनी जेब से वहन करते हैं। इसके लिए वह किसी एनजीआे या सरकारी मदद नहीं लेते हैं। अनूप खन्ना कहते हैं कि जितना होगा। अपनी जेब से करेंगे।

एेसे शुरू की दादी की रसोर्इ

अनूप खन्ना बताते हैं कि मेरे पिता आज से ढार्इ साल पहले 20 अगस्त 2015 को परिवार के साथ खाना खा रहे थे। इसी दौरान उनकी मां के मन में गरीब लोगों के पेट भरने के लिए इंतजाम करने की बात कही। मां के कहते ही बच्चों ने भी इसमें सहयोग करने की बात कही। इसके बाद उन्होंने इसका नाम दादी की रसोई रखा। पहले दिन उन्होंने 200 से 250 लोगों को खाना खिलाया। अब हर दिन 500 से 1000 लोगों को खिला पाते हैं। खन्ना जी कहते हैं अब जो समाज से लिया है वह देने का वक्त है। बस उसी में लगे हैं।

शहर के विधायक पंकज सिंह खुद पहुंचे समाज सेवी अनूप खन्ना के पास

अनूप खन्ना ने बताया कि ढार्इ साल पहले जब से दादी की शुरुआत की, तब से कोर्इ राजनीतिक आदमी नहीं आया था। लेकिन, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे विधायक पंकज सिंह वोटिंग काउंटिंग के दिन खुद उनके पास पहुंचे। यहां उन्होंने खाना बांटा। इसके साथ ही सेक्टर-17 में पांच रुपये में खाने के स्टाॅल को खुद स्पांसर किया। वह इसे आगे भी बढ़ाना चाहते हैं। इसके साथ ही खन्ना बताते हैं कि आगे भी कर्इ सोशल लोग दादी की रसोर्इ में जुड़ने के साथ ही एेसे ही आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करते रहते हैं।

देश में आंदोलन की लहर चलाने वाले अन्ना भी अनूप खन्ना को दे चुके हैं आर्शिवाद

बता दें कि आंदोलन की लहर चलाने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे भी अनूप खन्ना द्वारा चलार्इ जा रही, दादी की रसोर्इ का पता लगने पर फोन कर बधार्इ आैर आर्शिवाद दे चुके हैं। अनूप खन्ना बताते हैं कि अन्ना जी द्वारा 14 दिनों के जंतर मंतर धरने पर वह भी उनके साथ भूख हड़ताल पर थे। वह यहां इंडियन अगेस्ट एसोसिएशन वाॅलेंटियर का इंचार्ज हूं। अन्ना हजारे समेत समाज के लिए काम कर रहे हैं। सभी लोगों से प्रेरणा लेकर समाज के लिए काम कर रहा हूं।

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