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ब्लू व्हेल गेमः आपका बच्चा करता है ऐसी हरकतें तो ये खबर है आपके लिए, प्रशासन ने जारी किया गाइडलाइन

अब तक इस गेम की वजह से कर्इ बच्चे कर चुके हैं सुसाइड। मुबंर्इ के बाद दिल्ली में भी अाया सुसाइड के प्रयास का मामला।

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नोएडा

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Rajkumar Pal

Sep 03, 2017

blue whale

Blue wheal game

नोएडा। देश के अलग अलग हिस्सों की तरह अब दिल्ली में भी ब्लू व्हेल गेम का प्रकोप सामने आ गया है। हाल ही में दिल्ली में एक किशोर ने सुसाइड के बाद दूसरे छात्र द्घारा सुसाइड का प्रयास करने का मामला सामने आया है। इस पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के साथ ही गौतमबुद्घनगर जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। इसको देखते हुए प्रशासन आैर चाइल्ड लाइन की आेर से सभी पेरेंट्स के लिए गाइडलाइन जारी की गर्इ है। यह गाइडलाइन विभाग द्वारा सोशल मीडिया आैर वाॅट्सएप के जरिये शेयर कर लोगों तक पहुंचार्इ जा रही है। अगर आपको भी अपने बच्चों में यह बदलाव दिखार्इ देता है, तो आप तुरंत ध्यान दें। अन्यथा वह भी इस गेम की वजह से कुछ गलत कदम उठा सकता है।

इंटरनेट के जरिये ब्लूव्हेल का फेल रहा लिंक, लास्ट स्टेज तक सुसाइड कर रहे बच्चे

इंटरनेट के जरिये यह ब्लूव्हेल का लिंक फैलता जा रहा है। कुछ किशोर भी सोशल साइट्स पर ग्रुप बनाकर इसे शेयर कर रहे है। जिससे इसकी जानकारी लगते ही किशोर आैर बच्चे उत्सुकता के साथ इस खेल को खेलना शुरू कर देते है। खेल के शुरूआत से ही ब्लू व्हेल गेम खेल रहे बच्चों के विचार आैर मन बदलने लगता है। इतना ही नहीं वह गेम की स्टेज पार करने के लिए उसके मुताबिक खुद को नुकसान पहुंचाने लगते है। भारत के अलग अलग प्रदेशों में अब तक बच्चों द्घारा अपने हाथ पैरों में चोट पहुंचाने आैर सुसाइड करने के कर्इ मामले सामने आ चुके है। एेसे में मां बाप को अपने बच्चों को इस ब्लू व्हेल गेम से बचाने के लिए सावधान आैर सतर्क रहने की जरूरत है।

बच्चों में यह बदलाव देखते ही हो जाए सतर्क

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कुछ गाइडलाइन जारी करने के साथ ही सभी अभिभावकों को इन पर ध्यान देने के लिए कहा है। इसमें साफ कहा गया है कि अपने बच्चों को इस ब्लू व्हेल खेल से बचाने के लिए ध्यान देना होगा। अपने बच्चों में एेसा कोर्इ भी बदलाव देखकर सतर्क हो जाए। उसे किसी अच्छे मनोचिकत्सक को दिखाने के साथ ही खुद भी घुले मिलें।

-बच्चाें के शरीर पर स्पष्ट दिख रहे चिन्ह या असामान्य घाव खरोंच को जरूर देखें।
-बच्चे घंटों डरावनी मूवी देख रहा हो।
-बच्चा पैर लटकाकर उंचे भवन के किनारे वाली जगह पर असामान्य से अकेला बैठा हो
-बच्चा अस्वाभाविक समय पर जैसे सुबह चार बजे उठ रहा हो।
-कुछ अलग से गाने सुन रहा हो।
-साथ ही बच्चा सोशल साइट्स पर डिप्ररेशन या खुद को अकेले जैसे महसूस करने वाले पोस्ट डाल रहा हो।

उपर दिए गए एक भी बिंदू बच्चे में दिखार्इ देने पर यह करें

अगर आपके बच्चें में आपको उपर दिए गए बिंदूआें में एक भी मिलता है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। क्योकिं यह आपके बच्चे के लिए नुकसान देह हो सकता है। एेसे में बच्चों के साथ नजदीकी रूप से घुले मिलें। बच्चों की सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताये। बच्चों से उनके मन की बात जानें। बच्चों के मोबाइल फोन, लैपटाॅप आैर कंप्यूटर इत्यादि पर नजर रखे कि वह क्या देख रहा है। इन्हीं सब सावधानियों से बच्चों को इस खेल के जाल में फंसने से बचाया जा सकता है।

दो माह में आठ बच्चें ब्लूव्हेल गेम के जाल में फंसकर कर चुके है सुसाइड

देश के अलग अलग हिस्सों में दो माह के अंदर आठ बच्चे ब्लूव्हेल गेम की बली चढ़ चुके है। वह इस गेम की स्टेज को पार करने के चक्कर में सुसाइड कर चुके है। इनमें मुख्य रूप से तमिलनाडू, इंदौर, मुबंर्इ, दिल्ली, केरल, देहरादून आैर पश्चिम बंगाल के बच्चों ने सुसाइड किया है। इसके अलावा कर्इ प्रदेशों के बच्चों ने अपने हाथ आैर चेहरे पर गहरी खरोचे मारी है। जिन्हें मां बाप ने देखकर उन्हें संभालने का प्रयास किया है।