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एडीएम और कर्नल विवाद: जांच के लिए मंडलायुक्त और आईजी पहुंचे नोएडा

रिटायर्ड कर्नल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, लगाए गंभीर आरोप
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नोएडा

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lokesh verma

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Updated: 25 Aug 2018, 12:53 PM IST

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एडीएम और कर्नल विवाद: जांच के लिए मंडलायुक्त और आईजी पहुंचे नोएडा

नोएडा. घर में अवैध निर्माण कराने को लेकर सेना के एक रिटायर्ड कर्नल के साथ हुए विवाद के बाद सुर्खियों में आए मुजफ्फरनगर में तैनात एडीएम हरीशचंद्र को उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबित कर दिया है। जबकि नोएडा प्राधिकरण ने भी सेक्टर-29 स्थित उनके घर में किए गए अवैध अतिक्रमण को गिरा दिया है, लेकिन मामला इतनी आसानी से थमता नजर नहीं आ रहा है। पीसीएस अफसर हरीशचंद्र के निलंबन से पीसीएस एसोसिएशन नाराज बताई जा रही है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा है और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की है। वहीं मामले में पुलिस की जांच करने के लिए आयुक्त और आईजी मेरठ ने नोएडा में दस्तक दी है। उन्होंने डीएम और एसएसपी के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमे पीड़ित रिटायर्ड कर्नल वीपी सिंह के साथ अन्य पूर्व सैन्य अफसर भी मौजूद थे।

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बता दें कि सेना के रिटायर्ड कर्नल की शिकायत पर एडीएम के मकान में हुए अवैध निर्माण को प्राधिकरण ने तोड़ दिया था, जिसका जायजा लेने डीएम और एसएसपी के साथ आयुक्त और आईजी मेरठ सेक्टर-29 स्थित फ्लैट नंबर-645 पर पहुंचे। इसके बाद आईजी ने डीएम और एसएसपी के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमे पीड़ित रिटायर्ड कर्नल वीपी सिंह के साथ अन्य पूर्व सैन्य अफसर भी मौजूद थे। इस दौरान रिटायर्ड कर्नल ने आरोपी एडीएम हरीश चंद्र उनकी पत्नी के साथ बेटे की गिरफ्तारी नहीं करने पर सवाल उठाया। इस पर कप्तान साहब ने केवल इतना ही कहा कि पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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इस मामले में एक नया वीडियो भी इन अफसरों को दिखाया गया, जिसमें एक प्रोपर्टी डीलर और एक महिला टयूटर पूर्व सैन्य अफसर के घर आए लड़के को चांटे मार रहे हैं। वीडियो क्लिप खुद ब खुद गवाही दे रही है कि एडीएम और उनके पत्नी से उत्पात मचा रखा था। बता दें कि इस पूरे मामले में नोएडा पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। पहले बिना छानबीन के कर्नल के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठा मुकद्दमा दर्ज किया गया और फिर अब तक एडीएम हरीश चंद्र को पकड़ने में नाकाम रही है। शायद यही वजह है कि जवाब देने से बचने के लिए पुलिस मीडिया के कैमरों से छिपती घूम रही है।

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