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जिंदा भ्रू़ण को मरा हुआ बताकर डॉक्टर ने दी गर्भपात की दवाई, मां की ममता ने बचाई जान

राजन मिश्र की पत्नी सोनम को उल्टी दस्त होने पर रविवार रात जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और दवाएं दी। सोमवार सुबह 10:40 बजे अस्पताल में अल्ट्रासाउंड किया गया। इसकी रिपोर्ट में भ्रूण को मृत बताया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब रिपोर्ट लेकर स्त्री रोग विभाग पहुंचे तो वहां मौजूद डॉक्टर ने रिपोर्ट देखकर कहा कि भ्रूण पेट में मर चुका है।

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जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला की अल्ट्रासाउंड जांच में पेट में पल रहे भ्रूण को मरा हुआ बताया। जबकि प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच में वह जिंदा पाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही पर गर्भवती महिला के परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस से मामले की शिकायत की है। अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में जांच कमेटी बनाई है। मामला सदरपुर इलाके का है। राजन मिश्र की पत्नी सोनम को उल्टी दस्त होने पर रविवार रात जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और दवाएं दी। सोमवार सुबह 10:40 बजे अस्पताल में अल्ट्रासाउंड किया गया। इसकी रिपोर्ट में भ्रूण को मृत बताया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब रिपोर्ट लेकर स्त्री रोग विभाग पहुंचे तो वहां मौजूद डॉक्टर ने रिपोर्ट देखकर कहा कि भ्रूण पेट में मर चुका है। लिहाजा इसके आगे की प्रक्रिया करनी होगी।

दवा खाने से किया इनकार

डॉक्टर की सलाह पर स्वास्थ्य कर्मी ने सोनम को दवा दी, लेकिन सोनम ने उसे खाने से मना कर दिया। वह पति से दूसरी जगह दोबारा अल्ट्रासाउंड कराने की जिद पर अड़ गई। दोपहर 12:30 बजे निजी केंद्र पर जाकर अल्ट्रासाउंड कराया, रिपोर्ट में भ्रूण जिंदा और स्वस्थ बताया गया। भ्रूण की स्थिति और पुख्ता करने के लिए तीसरी जगह भी अल्ट्रासाउंड कराया। यहां भी भ्रूण जीवित बताया गया।

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परिजनों ने किया हंगामा

निजी अस्पताल से अलग करो कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल के लेबर रूम में हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस को भी बुला लिया। इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय में भी की गई है।

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सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने इस मामले में अल्ट्रासाउंड करने वाले सभी डॉक्टरों और स्त्री रोग विशेषज्ञ से पूछताछ की जाएगी। पीड़ित की लिखित शिकायत पर दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी।