VIDEO: बंगाल में प्रदर्शन के बीच ESI अस्पताल के डॉक्टर ने कार्यालय अधीक्षक को जड़ा थप्पड़, हड़ताल पर गए कर्मचारी

Rahul Chauhan | Updated: 14 Jun 2019, 05:51:37 PM (IST) Noida, Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh, India

-आक्रोशित कर्मचारियों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं

-वह अस्पताल परिसर में नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए

-जिससे अस्पताल का काम ठप हो गया है

नोएडा। सेक्टर 24 स्थित ईएसआई हॉस्पिटल में उस समय हंगामा को गया जब हाउस एलॉटमेंट कमेटी की मीटिंग में डॉक्टर ने कार्यालय अधीक्षक को थप्पड़ जड़ दिया। इस बात से आक्रोशित कर्मचारियों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं और अस्पताल परिसर में नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए। जिससे अस्पताल का काम ठप हो गया है।

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बताया जा रहा है कि विवाद अस्पताल एचआर और हाउस एलॉटमेंट से संबंधित कमेटी की मीटिंग से शुरू हुआ। पीड़ित और कार्यालय अधीक्षक समीर नायक के अनुसार गुरुवार को करीब 2:45 के आस-पास एचआर और हाउस एलॉटमेंट से संबंधित कमेटी की मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग में कमेटी के मेंबर डॉ संजीव कोचर, डॉ आभा जैन और एडीजी हरविंदर पाल मौजूद थे।

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पीड़ित कार्यालय अधीक्षक ने बताया कि जब मीटिंग शुरू हुई तो हमारे उप निदेशक की ओर से एक लेटर कमेटी के सामने पेश किया गया। उस लेटर को गलत बताते हुए संजीव कोचर मुझ पर आरोप लगाने लगे, तो मैंने कहा कि इसमें मेरा कोई रोल नहीं है। यह लेटर उप निदेशक प्रशासन ने बनाकर जारी किया है। इस पर वह नहीं माने और लेटर बिंदुवार कमियां निकाल कर लगातार मुझ पर आरोप लगाते रहे। जिसका मैंने विरोध किया तो उस पर नाराज हो गए। इसके बाद डॉ संजीव कोचर ने हाथ में लिया हुआ कागज मेरे मुंह पर मार दिया और बाएं हाथ से एक थप्पड़ जड़ दिया और कमरे से निकल गए। मेरी शिकायत है कि है यह पूर्ण रूप से सरकारी कामकाज चल रहा था। ऐसे में कागज फेकना, थप्पड़ मारना आचार विधि नियम का उल्लंघन है। इस पर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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ईएसआई प्रशासन डॉरेक्टर (मेड.) अनीश सिंघल का कहना है कि यह दो अधिकारियों के बीच का व्यक्तिगत मामला है। इसमें कुछ मिसअंडरस्टैंडिंग हुई है, उसकी वजह से थोड़ी बात बढ़ गई। गुस्से में एक दूसरे को बातें कही गई हैं, लेकिन हाथापाई हुई या नहीं हुई इसकी सच्चाई हमें नहीं मालूम। प्रशासन का फैसला किया है कि इस मामले जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी और जो इस मामले का जांच एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी, जांच के आधार कार्रवाई की जाएगी।

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