
PC: Jan Kalyan Trust
नोएडा वृद्धाश्रम केस: वृद्धाश्रम के ट्रस्टी का कहना है कि साजिश के तहत वृद्धाश्रम में वीडियो बनाए गए। वीडियो को वायरल करके उनकी बदनामी की जा रही है। समाज कल्याण विभाग की टीम ने तीन बुजुर्गों को दनकौर में भी शिफ्ट किया है। वृद्धाश्रम के ट्रस्टी अमर वीर सिंह ने कहा कि हमारे पास उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी महिला बाल कल्याण का रजिस्ट्रेशन है और यह रजिस्ट्रेशन 2026 तक वैलिड है। हम महिला और पुरुष दोनों को यहां रख सकते हैं।
उन्होंने बताया कि बुजुर्गों के जो वीडियो सामने आए हैं, उन्हें साजिश के तहत बनाया गया है और फिर सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल किया गया है। इसका मतलब साफ है कि उनके खिलाफ कोई साजिश हो रही है। हम सिर्फ समाज सेवा करते हैं, जो कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन भी बुजुर्गों को मेंटल प्रॉब्लम होती है, उनके लिए हम उनके परिजनों से लिखित में एक आवेदन लेकर फिर उनकी एक्स्ट्रा केयर के साथ यहां रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाज कल्याण विभाग की तरफ से जो नोटिस दिया गया है, उसमें जितने भी सवाल पूछे गए हैं, हम सभी का जवाब देंगे।
अमरवीर सिंह ने कहा कि जो पैसा दो से ढाई लाख रुपया हम लोग बुजुर्गों के लिए लेते हैं, वह इसलिए लिया जाता है कि अगर कोई इमरजेंसी आ जाए तो हमारे पास फंड मौजूद रहे। यह पैसा जमा रहता है और पूरा रिफंडेबल भी है। काम नहीं आने पर इसे वापस कर दिया जाता है।
दरअसल दो दिन पहले राज्य महिला आयोग ने पुलिस टीम और समाज कल्याण विभाग की टीम के साथ वृद्धाश्रम में छापेमारी की थी और उन्हें वहां पर बुजुर्ग काफी दयनीय स्थिति में मिले थे, जिसके बाद इस आश्रम को नोटिस जारी कर सील करने के आदेश दिए गए थे।
Published on:
28 Jun 2025 07:23 pm
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