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एटीएस ने ₹3.90 लाख की जाली करेंसी के साथ जालसाजों को पकड़ा है। ये आरोपी चीनी वेबसाइट से कागज मंगाकर नोटों की छपाई करते थे और इसकी सप्लाई किया करते थे।
रेलवे विभाग के कर्मचारी गजेंद्र यादव को उसके साथी सिद्धार्थ झा के साथ हापुड़ जिले के पिलखुवा स्थित भोजपुर रोड के पास से गिरफ्तार किया गया। ATS को सूचना मिली थी कि आरोपी नकली नोटों की डिलीवरी देने जा रहे हैं। तलाशी के दौरान इनकी गाड़ी से ₹3.90 लाख की जाली मुद्रा बरामद की गई।
गिरफ्तारी के बाद ATS ने पिलखुवा के फरीद नगर रोड स्थित एक कॉलोनी के किराए के फ्लैट पर छापा मारा। ये ठिकाना इस इस गिरोह की छपाई यूनिट थी। यहां से जाली नोट छापने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कई उन्नत उपकरण जब्त किए गए। इसमें 103 सिक्योरिटी पेपर शीट्स, दो लैपटॉप, तीन प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, मेटल पेपर कटर, सोने की कोटिंग वाली स्याही की बोतलें, तीन मेटल डाई, स्प्रे कैन और अन्य सामान बरामद किया गया।
इसके साथ ही दो पेन ड्राइव जिनमें फोटोशॉप से तैयार की गई नोटों की डिज़ाइन फाइल्स थीं, पांच मोबाइल फोन और आरोपियों द्वारा प्रयोग की गई कार भी ATS ने जब्त की है। फ्लैट से अधपके ₹500 के नोट और सिक्योरिटी थ्रेड वाले कागज भी मिले हैं।
ATS ने इस मामले में बुलंदशहर निवासी विजय वीर चौधरी को भी गिरफ्तार किया जो इस अवैध नेटवर्क को वॉटरमार्क और थ्रेड युक्त कागज की सप्लाई किया करता था। जांच में पता चला कि चौधरी यह पेपर अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट के माध्यम से मंगवाता था जिससे जाली नोट असली जैसे छप सकें।
लाखन रेलवे स्टेशन पर तैनात गजेंद्र यादव मूलतः बुलंदशहर के गजौरी गांव का रहने वाला है। उसने पिलखुवा के किराए के मकान को अपनी अवैध गतिविधियों का केंद्र बना रखा था। ATS फिलहाल पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि इस जाली करेंसी सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
Updated on:
28 Jun 2025 03:20 pm
Published on:
28 Jun 2025 03:20 pm
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