
700 किलो मिलावटी मावा-पनीर जब्त (X Photo Sachin Kashyap)
Uttar Pradesh Food Safety Raid: त्योहारों से पहले उत्तर प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। हापुड़ के धौलाना तहसील क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने देर रात तीन जगहों पर छापेमारी कर करीब 700 किलो मिलावटी मावा और पनीर जब्त किया। टीम को मौके पर जमीन पर रखकर मावा तैयार किया जाता मिला। कार्रवाई के दौरान 268 किलो वनस्पति और 510 किलो SMP भी बरामद हुई। रिफाइंड तेल, SMP और वनस्पति के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटी मावा बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद तीन जिलों की टीम ने धौलाना तहसील क्षेत्र में कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीम ने तीन अलग-अलग स्थानों पर छापा मारा। जांच के दौरान टीम को मौके पर मावा तैयार होता मिला। बताया गया कि तैयार किए जा रहे मावे का इस्तेमाल दूसरी मिठाइयों को बनाने में भी किया जा रहा था। खाद्य विभाग ने मौके से करीब 700 किलो मावा और पनीर जब्त किया।
कार्रवाई के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की भी जांच की। मौके से करीब 268 किलो वनस्पति और 510 किलो SMP बरामद किया गया। इसके अलावा रिफाइंड तेल, SMP और वनस्पति के सैंपल भी लिए गए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। देशभर में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI की ओर से खाद्य पदार्थों की जांच और कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। हापुड़ की कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। विभाग की नजर खास तौर पर मावा, पनीर और मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर है, क्योंकि त्योहारों के दौरान इनकी मांग काफी बढ़ जाती है।
इससे पहले मथुरा में भी खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की थी। छाता स्थित सोनू कुमार पुत्र छीतरमल की पनीर निर्माण फैक्ट्री पर टीम ने छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान पनीर बनाने में इस्तेमाल हो रहे रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, टीनोपाल केमिकल, आयरा और सोडियम हाइड्रो बरामद किए गए थे। टीम ने मौके पर करीब 500 किलोग्राम दूषित पनीर नष्ट कराया था।
हापुड़ में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि जब्त सामग्री में किस स्तर की मिलावट थी और संबंधित लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
22 Aug 2026 01:56 pm
Published on:
22 Aug 2026 01:56 pm
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