23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Noida SSP के मॉर्फ वीडियो वायरल, एसएसपी बोले- भ्रष्‍टाचार मामले में सीएम को रिपोर्ट भेजने पर की गई साजिश

Highlights तीन मार्फ वीडियो सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं वायरल सेक्टर-20 थाने में आईटी एक्ट की धाराओं में दर्ज हुआ केस हापुड़ के एसपी संजीव सुमन को सौंप दी गई मामले की जांच

2 min read
Google source verification
vlcsnap-2020-01-02-10h43m53s673.png

नोएडा। गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) में एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के एसएसपी (SSP) के एक के बाद एक 3 मार्फ (फर्जी) वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। इसके बाद बुधवार रात को एसएसपी ने नोएडा (Noida) के सेक्टर-20 थाने में आईटी एक्ट (IT Act) की धाराओं में केस दर्ज करा दिया। वहीं, डीजीपी ओपी सिंह (UP DGP OP Singh) ने इसकी जांच हापुड़ (Hapur) के एसपी (SP) संजीव सुमन को सौंप दी है। इसकी निगरानी एडीजी मेरठ जोन (ADG Meerut Zone) आलोक सिंह करेंगे।

यह भी पढ़ें:Greater Noida: New Year के पहले दिन एनकाउंटर में घायल किया एक लाख का इनामी बदमाश, कांस्‍टबेल भी घायल

एसएसपी ने की प्रेसवार्ता

प्रेस वार्ता में एसएसपी वैभव कृष्‍ण (SSP Vaibhav Krishna) ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच अन्य जिले की पुलिस द्वारा करने का अनुरोध किया गया था। नोएडा में कार्यकाल के दौरान उन्‍होंने कई तरह के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इसके चलते उनकी छवि खराब करने के लिए इस तरह के वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि व्हाट्सऐप (Whatsapp) पर यह वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इसमें एक महिला की आवाज है। वीडियो में उनकी फोटो भी लगाई गई है। मामला संज्ञान में आने के बाद थाना सेक्टर-20 में मामला दर्ज कराया गया है। साथ ही आईजी से अनुरोध किया गया है कि मामले की जांच अन्य जनपद की पुलिस द्वारा कराई जाए, ताकि फर्जी वीडियो को वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

यह भी पढ़ें:UP Police Constable Recruitment 2019: टेस्‍ट देने आई युवती गई बाथरूम, बाहर आई तो बदल गया रूप और रंग

सीएम ऑफिस में भेजी रिपोर्ट

उन्‍होंने कहा कि पिछले एक साल के कार्यकाल में उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संगठित अपराध और भ्रष्टाचार के कई मामलों का खुलासा किया है। इसके बाद कई पुलिसकर्मी और पत्रकार जेल गए हैं। इसके बाद से ही उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। एसएसपी ने यह भी बताया कि नवंबर में उन्‍होंने भ्रष्‍टाचार से जुड़े संवेदनशील मामलों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में रिपोर्ट भेजी थी। उस रिपोर्ट में कुछ पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के नाम हैं। हो सकता है कि उसी से बौखला कर असामाजिक तत्‍वों ने यह हरकत की हो। फिलहाल इन वीडियो को वायरल करने के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। एसएसपी का कहना है कि इन वीडियो को बनाने वाले और वायरल करने वाले जल्‍द ही गिरफ्त में होंगे।