
मुंबई में कुत्ते से बलात्कार
कभी इंसान का सच्चा और वफादार दोस्त समझे जाने वाले कुत्तों से अब लोग पीछा छुड़ाने लगे हैं। दरअसल, नोएडा की कुछ सोसायटी में कुत्ते के काटने के कई मामले आ चुके हैं। पीड़ितों की शिकायत के बाद प्रशासन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई भी कर रहा है। यही कारण की कभी स्टेटस सिंबल के रूप में पाले जाने वाले कुत्तों को अब लोग पालना नहीं चाहते। लोग उन्हें एनिमल शेल्टर में लावारिस छोड़ कर जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर डॉग अटैक के वायरल वीडियो के बाद लोग भी कुत्तों को लेकर दो पक्षों में बंट गए हैं। एक पक्ष है, जो कुत्ते को पालते हैं और दूसरा है, जो डॉग हेटर हैंं। जेपी अमन सोसायटी में रहने वाले रेजिडेंस कहते हैं कि वे डॉग हेटर नहीं हैं लेकिन कुत्तो से अब डर लगता है। उस डर को लोग समझे कि हम भी इंसान हैं और हमें भी सोसाइटी में रहने का हक है।
पालतू कुत्तों के लिए कड़े नियम लागू
इसी सोसाइटी के टावर-7 में रहने वाले लोकेश भाटी का परिवार डॉग अटैक का शिकार हो चुका है और मासूम बच्ची अभी ट्रामा में है। उन्होंने मुकदमा किया हुआ है, जो इस समय आदालत में विचाराधीन है। लगातार बढ़ते डॉग हमलों की घटनाओं के बाद शहर के ज्यादातर आरडब्लूए और अपार्टमेंट में पालतू कुत्तों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। कई सोसाइटी में पालतू कुत्तों को पैंसिंजर लिफ्ट में ले जाने पर को रोक लगा दी गई है। साथ ही मुंह पर जाली या मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि कई लोग पालतू कुत्तों की देखभाल के लिए उन्हें एनजीओ के पास छोड़कर जाने लगे हैं।
दो कारणों से पिटबुल को छोड़ देते हैं लोग
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित नोएडा एनिमल शेल्टर में 50 कुत्ते ऐसे मिले जिन्हें लोगों ने लावारिस छोड़ दिया था। इनमें से 30 प्रतिशत कुत्ते पिटबुल प्रजाति के हैं। शेल्टर होम की संचालिका अनुराधा बताती हैं कि यहां पर कुत्तों की अच्छी तरह से देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिटबुल को दो कारणों से लोग लावारिस छोड़ देते हैं। पहला कि इनका इस्तेमाल कुत्तों की अवैध लड़ाई के लिए किया जाता है। जब ये कुत्ते घायल हो जाते हैं, तब वह हमारे पास इसे छोड़ जाते हैं। इस प्रकार के कुत्ते एग्रेसिव होते हैं और अपना एग्रेसन कभी नहीं भूलते। दूसरे प्रकार के लोग वे हैं, जो इन कुत्तों को पाल लेते हैं लेकिन उन्हें पिटबुल को रखना नहीं आता। इससे डॉग्स एग्रेसिव हो जाते हैं और फिर लोग उसे घर में नहीं रखना चाहते।
Published on:
17 Sept 2022 10:42 am
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