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251 रुपये में Smartphone का झांसा देने वाले मास्टरमाइंड ने अब मेवे-मसालों के नाम पर की अरबों की ठगी

Highlights: -251 रुपये में स्मार्ट मोबाइल फोन देने का झांसा देकर लोगो को करोड़ो का चूना लगा चुका है आरोपी -जो भी उसके मुकदमा दर्ज करवाता था उसको फंसाने के लिए उन्हें हनी ट्रैप का शिकार भी बनाता -विदेश से एमबीए डिग्री हासिल करने के बाद भी उसकी फ़ितरत ने उसने उसे पहुँचा सलाखो के पीछे

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नोएडा। पांच साल पहले रिंगिंग बेल नामक कंपनी खोलकर 251 रुपये में स्मार्ट मोबाइल फोन देने का झांसा देकर लोगों को करोड़ो का चूना लगाने वाले मोहित गोयल को पुलिस ने ओमप्रकाश जांगीड के साथ गिरफ्तार किया है। इस बार उस पर मेवे और मसालों की ट्रेड़िग की चार फर्जी कंपनी खोलकर हजारों लोगों से अरबों रुपये ठगने का आरोप है। उससे दो लग्जरी कारें और अन्य सामान बरामद किया गया है। दरअसल, पुलिस की गिरफ्त में आए मोहित गोयल और ओमप्रकाश जांगीड राष्ट्रीय स्तर पर हजारों लोगों से अरबों रुपये ठगने का आरोप है।

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एडिशनल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर लव कुमार ने बताया कि मेवे और मसाले की थोक बिक्री करने वाले रोहित मोहन ने 24 दिसंबर को थाना सेक्टर-58 में शिकायत दर्ज कराई थी कि सेक्टर-62 में कुछ लोगों ने 'दुबई ड्राई फूड्स हब' के नाम से कंपनी खोलकर लाखों की ठगी की है। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपियों द्वारा देश भर में हजारों लोगों से अरबों रुपये की ठगी इसी प्रकार से की गई है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर मोहित गोयल निवासी सेक्टर-50 तथा ओमप्रकाश जांगीड़ निवासी जयपुर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अब तक 40 लोगों से मेवे एवं मसाले खरीदने के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की है। इस मामले में 14 लोग नामजद हैं और अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ रहे हैं।

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एडिशनल सीपी ने बताया कि इनके द्वारा ठगी के लिए जो भी कंपनी खोली जाती है, उसका एमडी, प्रेसिडेंट और प्रोपराइटर ऐसे अंजान व्यक्तियों को बनाया जाता है। जिनका वास्तव में कंपनी से कोई लेना-देना नहीं होता। ये उन्हें प्रति माह सैलरी पर रखते हैं और उनका प्रयोग डमी के रूप में करते हैं, जबकि वास्तव में सारा काम पर्दे के पीछे से ये लोग स्वंय ही करते थे। मोहित कानूनी दांवपेंच में माहिर खिलाड़ी है, जो कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ता है। इसके अलावा उसके खिलाफ जो भी मुकदमा दर्ज कराता है, यह उसके खिलाफ ही गलत तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराता है। लोगों को फंसाने के लिए यह उन्हें हनी ट्रैप का शिकार भी बनाता है। जिसका खुलासा 2018 में हो चुका है। जिसमें इसने राजस्थान के पांच व्यापारियों को हनी ट्रैप में फंसाकर उनसे करोड़ो वसूले थे। इसी दौरान दिल्ली में 25 लाख की वसूली करते हुए गिरफ्तार हुआ था। इस तरह के मुकदमे सूरजपुर थाने और मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में भी दर्ज करा चुका है।