
नोएडा। कैराना उपचुनाव व अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी को अमरोहा जिले में बड़ा झटका लगा है। अमरोहा की एक सपा नेत्री ने अपने कई समर्थकों के साथ भाजपा का दामन थाम लिया है। हालांकि, इसके पीछे कुर्सी छिन जाने का डर बताया जा रहा है। सपा नेत्री का नाम माया देवी है। वह अमरोहा के हसनपुर ब्लाॅक की प्रमुख हैं।
50 से ज्यादा समर्थकों के साथ थामा कमल
ब्लॉक प्रमुख ने अपने पति और 50 से ज्यादा समर्थकों के साथ कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान और अमरोहा भाजपा के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल नागर की मौजूदगी में कमल थाम लिया। माया देवी को उनके पति बनारसी दास समेत चुनाव कार्यालय पर पार्टी ज्वाइन कराई गई। राजनीतिक गलियारों में इसे जिले में सपा के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सपा नेत्री माया देवी कुर्सी जाने के डर से भाजपा की शरण में पहुंची हैं। कुछ दिन पहले 59 पंचायत सदस्यों ने उन पर गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने डीएम को अविश्वास प्रस्ताव भी सौंपे थे।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर भी भाजपा ने जमा लिया था कब्जा
2017 में विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरतार आते ही कई जगह फेरबदल हुआ था। अमरोहा में सरकार बदलते ही भाजपाइयों ने ही सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष रेनु चौधरी और गजरौला ब्लाॅक प्रमुख हाजी भुट्टो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर कुर्सी पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद ब्लाॅक प्रमुख माया देवी के खिलाफ कलक्ट्रेट पहुंचकर 59 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने डीएम हेमंत कुमार सिंह को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए पत्र सौंपा था। आपको बता दें कि कुल क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या 106 है। इस पर डीएम ने इनकी जांच की जिम्मेदारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत एवं नगरीय कल्लू सिंह को सौंपी थी। अविश्वास प्रत्साव का पत्र सौंपे जाने के बाद ब्लाॅक प्रमुख माया देवी और उनके समर्थकों में खलबली मच गई थी। बताया जा रहा है कि इसको देखते हुए ही ब्लाॅक प्रमुख ने साइकिल छोड़ कमल को थामना बेहतर समझा।
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Published on:
13 Apr 2018 01:34 pm
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