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कोरोना महामारी के दौर में अहम भूमिका निभा रहा है सोशल मीडिया, इस तरह बचा रहा लोगों की ज़िंदगी

सोशल मीडिया पर लोग मदद की लगा रहे गुहार। अब तक कई लोगों की बचाई जा चुकी है जान। कोरोना काल में ब्लैक करने वालों के खिलाफ भी हो रही कार्रवाई।
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नोएडा। कोरोना महामारी के इस दौर में सोशल मीडिया एक अहम भूमिका निभा रहा है। इस पर की गई अपीलों पर न सिर्फ अधिकारी संज्ञान ले रहे हैं बल्कि कार्रवाई भी हो रही है। जिससे लोगों को मदद मिल रही है और इस तरह कई जाने बचाई जा चुकी हैं। ऐसे ही दो मामले नोएडा में सामने आए हैं, जिनमे ट्विटर पर की गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पहला मामला एक ऐसे युवक का है, जिसे अपनी मां की ज़िंदगी बचाने के लिए ऑक्सीजन की सख्त जरूरत थी और सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बावजूद उसे ऑक्सीजन नहीं मिली। उसने इसकी गुहार ट्विटर पर मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारियों तक लगाई। पुलिस कमिश्नर ने मामले का संज्ञान लेकर युवक को ऑक्सीजन उपलब्ध करा दी। दूसरे मामले में ऑक्सीजन किट ब्लैक करते हुए एक युवक की ट्विटर पर की गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

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दरअसल, सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी मां की जिंदगी बचाने के लिए केशव नामक व्यक्ति ने ऑक्सीजन देने के लिए नोएडा के पुलिस कमिश्नर से लेकर सीएम तक गुहार लगाते एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया। केशव का अपील करते हुए वायरल विडियो और ट्वीट को संज्ञान में लेते हुए पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने एसीपी को मौके पर भेजकर उसे ऑक्सीजन उपलब्ध करा दी। जिसके बाद युवक ने मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस कमिश्नर सभी का आभार व्यक्त किया। वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस ने ऑक्सीजन किट को ब्लैक करने वाले एक युवक को भी पकड़ा है।

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एडीसीपी ने बताया कि रविकांत नामक युवक ने नोएडा पुलिस को ट्वीट करते हुए और वैगनआर कार की फोटो अपलोड करते हुए कहा कि एक तो जनता वैसे ही परेशान है और ऊपर से लोग ऑक्सीजन किट भी ब्लैक में रहे हैं। नोएडा के सेक्टर 58 में एक व्यक्ति मिला। उसने नाम नहीं बताया, लेकिन वह गाड़ी में रखकर हाई प्रेशर डबलगेज ऑक्सीजन रेगुलेटर और ऑक्सीजन मास्क रुपये में बेच रहा था। ट्वीट को संज्ञान में लेते हुए पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने पुलिस को कार नंबर के आधार पर त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिसके बाद पुलिस ने गौरव को गिरफ्तार कर लिया।