
- मार्क ब्यूकानन, भौतिक विज्ञानी
अप्रेल 2020 में रक्षा विभाग ने अमरीकी नौसेना के विमानों द्वारा रिकॉर्ड किए गए ‘अज्ञात हवाई घटना’ के वीडियो जारी किए, जो हाइपरसोनिक गति से हवा में उड़ रहे थे और बहुत तेजी से दिशा बदलते देखे गए थे। वह क्या था - विलक्षण वायुमण्डलीय घटना या एलियन विमान या कुछ और?
अमरीकी सरकार इस माह के अंत तक रिपोर्ट जारी कर बताएगी, इस बारे में जो कुछ भी वह जानती है। खबर है कि सरकार कहेगी उसके पास परग्रही गतिविधियों से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं है। लेकिन यदि एलियन हैं और हम उनसे संपर्क साधने की कोशिश करते हैं तो यह खतरनाक हो सकता है। वैज्ञानिक साठ सालों से रेडियो टेलीस्कोप से परग्रही सभ्यता से सिग्नल की खोज कर रहे हैं।
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कैलिफोर्निया स्थित सेटी (सर्च फॉर एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल इंटेलीजेंस) संस्थान के तत्वावधान में ऐसी कोशिशें विफल रही हैं। इससे व्याकुल हो कुछ वैज्ञानिकों ने मेटी (मैसेजिंग एक्सट्रा-टेरेस्ट्रियल इंटेलीजेंस) का रुख किया, जिससे संपर्क साधने के लिए अन्य तारों की ओर संदेश भी भेजे जा सकते हैं।
चूंकि हमारी आकाशगंगा के दूसरे कई तारे, हमारे सूर्य से कहीं अधिक पुराने हैं, इसलिए हमारी पृथ्वी की तुलना में आकाशगंगा में तकनीकी रूप से कहीं अधिक उन्नत सभ्यताएं हो सकती हैं। इटली के भौतिक विज्ञानी एनरिको फर्मी के नाम पर इस रहस्य को ‘फर्मी पैराडॉक्स’ की संज्ञा दी गई है। इसके तहत माना गया कि एलियन आखिर ‘एलियन’ ही होते हैं, हम उनसे संवाद नहीं कर सकते।
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मेटी इंटरनेशनल के डगलस वकोच का तर्क है कि अत्याधुनिक परग्रही सभ्यताओं से हम संपर्क नहीं करेंगे तो ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन कैसे ले सकेंगे। दूसरी ओर, सेटी के खगोल विज्ञानी जॉन गट्र्ज का मत है कि बिना व्यापक सहमति के ऐसा किया जाना कानूनी तौर पर निषिद्ध होना चाहिए। चाहे एलियन को सुनने की बात हो, या उन्हें संदेश भेजने की, व्यापक सार्वजनिक चर्चा के जरिए विवेकपूर्ण नियमन विकसित करने की जरूरत है।
Published on:
12 Jun 2021 11:49 am
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