
त्वरित कार्रवाई जरूरी
गायों की रक्षा के नाम पर किसी के साथ मारपीट करना या हत्या करना अपराध है। गायों की तस्करी रोकने का काम तो पुलिस का है। यदि कोई गोरक्षा की आड़ में निर्दोष लोगों की जान ले लेता है, तो वह भी अपराधी ही है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ शीघ्रता से सजा होनी चाहिए। इससे ऐसे मामलों पर अंकुश लगेगा।
निर्मला देवी वशिष्ठ राजगढ़ अलवर
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अमानवीय और दंडनीय
गोरक्षा की आड़ में निर्दोषों की हत्या जघन्य अपराध है। ऐसे मामलों में कठोरतम दंड का प्रावधान होना चाहिए। गो वंश की तस्करी या हत्या के ठोस प्रमाण उपलब्ध होने पर पुलिस विभाग को सूचित करना चाहिए और किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।
मुकेश भटनागर, भिलाई, छत्तीसगढ़
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सख्त कानून बनाया जाए
गोरक्षा की आड़ में बेकसूरों के साथ मारपीट तथा हत्या की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ती जा रही हैं। इन्हें रोकने के लिए दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाए जाने जैसा सख्त कानून बनाया जाना चाहिए ।
- वसंत बापट, भोपाल, मप्र
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राजनीतिक शह भी जिम्मेदार
गोरक्षकों के उन्माद गलत है। गोरक्षा के नाम पर भीड़ बहुत जल्दी हिंसक हो रही है। हिंसा के चलते गलतफहमियों की वजह से निर्दोषों की जान जा रही है। राजनीतिक शह और पुलिस कार्रवाई में बरती जा रही शिथिलता भी हत्या का कारण है।
-नरेश कानूनगो, देवास, म.प्र
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पुलिस रखे नजर
गोरक्षा से संबंधित कानूनों को स्पष्ट और सख्त बनाएं। पुलिस ऐसे मामलों पर नजर रखे। स्थानीय समुदायों की भूमिका सुनिश्चित की जाए और जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
अरविन्द कुलदीप, नींदड, जयपुर
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कठोर नीति की जरूरत
गोरक्षा के नाम पर दादागिरी को रोकना होगा। समाजकंंटक निर्दोष लोगों की जिस तरह हत्याएं कर रहे हैं। इससे देश में सामाजिक वैमनस्य बढ़ा है। ऐसे मामले रोकने के लिए दोषी को शीघ्रता से दंड दिया जाना चाहिए। रोक लगाने के लिए कठोर नीति अपनाएं, अपराधियों को दंड मिले लेकिन कानून के दायरे में।
-हरिप्रसाद चौरसिया ,देवास, मप्र
Published on:
05 Sept 2024 05:15 pm
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