
Olympics 2028: अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के कार्यकारी बोर्ड ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के खेल कार्यक्रम में मुक्केबाजी को शामिल करने को मंजूरी दे दी है। निवर्तमान आईओसी अध्यक्ष थॉमस बाक ने कोस्टा नवारिनो के रोमानोस रिसॉर्ट में आईओसी कार्यकारी बोर्ड की बैठक के बाद यह फैसला लिया। गौरतलब है कि मुक्केबाजी 1904 से ओलंपिक खेल का हिस्सा रहा है, लेकिन शासन, संचालन और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के कारण आईओसी ने वर्ष 2019 में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ की मान्यता को निलंबित कर दिया था। इसके बाद विश्व मुक्केबाजी संघ बना।
आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने भले ही मुक्केबाजी को ओलंपिक 2028 में शामिल करने की मंजूरी दे दी है, लेकिन अभी एक बाधा और पार करनी जरूरी है। अगले सप्ताह आइओसी की फुल मेंबर मीटिंग होने वाली है। इसमें मुक्केबाजी को अगले ओलंपिक में शामिल करने के लिए करीब 100 सदस्यों के हस्ताक्षर की जरूरत होगी। हालांकि यह सिर्फ औपचारिकता होगी। बाक ने बैठक के बाद कहा कि 26 फरवरी 2025 को 84 राष्ट्रीय महासंघो वाली विश्व मुक्केबाजी को अस्थायी मान्यता मिलने के बाद हम यह फैसला लेने की स्थिति में थे। सत्र में इसे मंजूरी के लिए रखा जाएगा और मुझे यकीन है कि इसे मंजूरी मिल जाएगी।
आईओसी ने कहा कि यह दुनियाभर के मुक्केबाजों के लिए अच्छी खबर है कि वे फिर ओलंपिक खेलों में चुनौती पेश कर पाएंगे। हालांकि ओलंपिक में उन्हें देशों के मुक्केबाज शामिल होंगे, जिनके राष्ट्रीय महासंघ को विश्व मुक्केबाजी से मान्यता मिली हुई है।
वहीं, विश्व मुक्केबाजी के अध्यक्ष बोरिस वान डेर वोस्र्ट ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा,यह ओलंपिक मुक्केबाजी के लिए काफी अहम फैसला है और ओलंपिक कार्यक्रम में खेल को बहाल करने के करीब ले जाने वाला है। मैं आईओसी के कार्यकारी बोर्ड को धन्यवाद देता हूं।
मुक्केबाजी के ओलंपिक में फिर शामिल करने पर भारतीय बॉक्सरों में खुशी की लहर है। मुक्केबाजी में पिछले कुछ सालों में पदक जीतने का दावेदार रहा है। भारत ने ओलंपिक मुक्केबाजी इतिहास में कुल तीन कांस्य पदक जीते हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 में छह भारतीय मुक्केबाज उतरे थे, हालांकि कोई पदक नहीं जीत सका था।
Published on:
19 Mar 2025 11:07 am
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