
नई दिल्ली। देश में इन दिनों नाम बदलने का चलन चल रहा है। मोदी सरकार कभी किसी योजना का नाम बदल देती है तो कभी किसी जगह का तो कभी किसी संस्था का। लेकिन क्या नाम बदलने से काम करने के तरीके में कोई बदलाव आता है। हालही में मोदी सरकार ने योजना आयोग का नाम बदल कर नीति आयोग किया था। अब देश के खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने खेलों की सर्वोच्च संस्था स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) का नाम बदलने की बात कही है। बता दें ये वही साई है जो पिछले महिने राष्ट्रिय हॉकी खिलाड़ियों को खाने में कीड़े, मकोड़े और बाल परोसने के चलते सुर्ख़ियों में था।
साई को अब स्पोर्ट्स इंडिया कहा जाएगा
जी हां! मोदी सरकार ने इस संस्थान का नाम बदलने का फैसला किया है। खेल मंत्री ने कहा खेलों की संस्था से अथॉरिटी शब्द को हटाया जाएगा अथॉरिटी शब्द खेलों में अच्छा नहीं लगता। अब इसे स्पोर्ट्स इंडिया कहा जाएगा साथ ही एक बार फिर राठौर ने खिलाड़ियों को बेहतर सुबिधा देने की बात कही है। राठौर ने कहा खिलाड़ियों के खाने पर रोज होने वाले खर्च को बढ़ा जाएगा, इसके लिए एक कमिटी बनाने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय नौकरियों में स्पोर्ट्स कोटा तय करने की भी कोशिश करेगा। बता दें पिछले महिने भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने खेल मत्रालय को पात्र लिखते हुए खिलाड़ियों को घटिया खाना परोसे जाने पर सवाल उठाये थे। हरेंद्र सिंह शिकायत करते हुए कहा था "मैं आपकी जानकारी में लाना चाहूंगा कि बेंगलुरु में साइ सेंटर में खाना बहुत ही खराब मिल रहा है जिसमें जरूरत से ज्यादा तेल और फैट है। हड्डियों में मीट नहीं है। खाने में कीड़े, मकोड़े और बाल निकल रहे हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि यहां साफ सफाई का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है।”
नाम बदलने से क्या बदलेगा काम करने का तरीका
खेल मंत्रालय एथलीट्स को दी जाने वाली सुविधाओं पर अपनी पीठ खुद ही थपथपाता रहता है। ऐसे में क्या स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) का नाम बदलने से इसके काम करने का तरीका बदल जाएगा। क्रिकेट के अलावा भारत में दूसरे खेलों की हालत बहुत ख़राब है। राठौर खुद भी खिलाडी रह चुके हैं। गौरतलब है के राठौर ने 2004 ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता था।
Updated on:
24 Jul 2018 01:54 pm
Published on:
24 Jul 2018 01:35 pm
