
धांधली और काला बाजारी पर है ये सीरीज(फोटो सोर्स: X)
Web Series: अगर आपने 'स्कैम 1992' देखकर भ्रष्टाचार की दुनिया को समझा है, तो जरा रुकिए अब बारी है उन सीरीज को देखने की जो धांधली और काला बाजारी की रीयल कहानी दिखाती हैं। ये सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि हमारे सिस्टम में घुसे उस सड़े हुए सच का खुलासा करती हैं, जो हर कोने में फैला है। यहां आपको सिर्फ बड़े-बड़े घोटालों की कहानियां नहीं मिलेंगी, बल्कि उन लोगों के बारे में भी पता चलेगा जो इस भ्रष्ट व्यवस्था का शिकार होते हैं और जो इसे चलाते हैं। 'स्कैम 1992' तो बस एक झलक थी, ये सीरीज आपको भ्रष्टाचार की गहराई में ले जाएंगी, जहां आपको पता चलेगा कि असली खेल कैसे खेला जाता है।
'स्कैम 2003: द तेलगी स्टोरी' 2003 के स्टाम्प पेपर घोटाले पर बेस्ड है, जिसमें अब्दुल करीम तेलगी नाम का एक शख्स शामिल था। ये सीरीज बताती है कि कैसे तेलगी ने जाली स्टैम पेपर का एक बड़ा नेटवर्क बनाया और पूरे देश में फैला दिया। सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे सिस्टम की कमजोरियों और भ्रष्टाचार के चलते तेलगी इतने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने में कामयाब रहा।
'शिक्षा मंडल' भारत में शिक्षा, भ्रष्टाचार और घोटालों पर बेस्ड है। ये सीरीज दिखाती है कि कैसे कुछ लोग मिलकर परीक्षाओं में धांधली करते हैं, फर्जी डिग्री बेचते हैं, और मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए रिश्वत लेते हैं। 'शिक्षा मंडल' शिक्षा के क्षेत्र में फैले काले सच को उजागर करती है।
'बैड बॉय बिलियनेयर्स: इंडिया' 3 भारतीय कारोबारियों - विजय माल्या, नीरव मोदी और सुब्रत रॉय - की कहानियों पर बेस्ड है, जो वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों के आरोपों से घिरे हुए हैं। ये सीरीज उनके पतन, और उन घोटालों की पड़ताल करती है जिनसे वे जुड़े थे। ये सीरीज भारत में व्यापार, राजनीति और भ्रष्टाचार के गठजोड़ पर सवाल उठाती है।
'जामताड़ा: सबका नंबर आएगा' झारखंड के जामताड़ा जिले के युवाओं के एक समूह की कहानी है, जो लोगों को फोन करके ठगते हैं। ये सीरीज दिखाती है कि कैसे ये युवा बिना किसी डर के धोखाधड़ी करते हैं और पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे अपराध करते हैं। 'जामताड़ा' साइबर क्राइम और धोखाधड़ी की बढ़ती समस्या पर रोशनी डालती है।
'फर्जी' एक पावरफुल स्टार की कहानी है जो नकली नोट बनाने के धंधे में उतर जाता है। ये सीरीज दिखाती है कि कैसे वह नकली नोटों के जरिए अमीर बनता है, लेकिन धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में फंस जाता है। 'फर्जी' कला, अपराध और नैतिकता के बीच के जटिल संबंधों को दिखाती है।
Updated on:
15 Sept 2025 12:47 pm
Published on:
15 Sept 2025 12:47 pm
