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ATM चोरी से किडनैपिंग तक: 3 घंटे 30 मिनट की ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ में हर मोड़ पर मिलेगा सस्पेंस और कॉमेडी

Pritam and Pedro: फिल्म 'प्रीतम एंड पेड्रो' एक शानदार थ्रिलर है जो 3 घंटे 30 मिनट की समय में यूजर्स को सस्पेंस और कॉमेडी का जबरदस्त कॉम्बो देती है। कहानी ATM चोरी से शुरू होकर किडनैपिंग तक फैलती है, जहां हर मोड़ पर अप्रत्याशित घटनाएं और ट्विस्ट देखने को मिलते हैं।
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Pritam and Pedro

Pritam and Pedro (This photo from x: @Fillmyworld21)

Pritam and Pedro: अगर आप ऐसी वेब सीरीज की तलाश में हैं जो बिना ज्यादा गंभीर हुए एंटरटेनमेंट, सस्पेंस और हल्की-फुल्की कॉमेडी का बेहतरीन कॉम्बो पेश करे, तो 'प्रीतम एंड पेड्रो' आपके वीकेंड के लिए एक शानदार ऑप्शन हो सकती है। बता दें, OTT JioHotstar पर करीब 3 घंटे 30 मिनट लंबी ये सीरीज साइबर क्राइम, पुलिस इन्वेस्टिगेशन और दिलचस्प किरदारों के जरिए दर्शकों को शुरुआत से आखिर तक बांधे रखती है।

'प्रीतम एंड पेड्रो' की मजेदार कहानी

वेब सीरीज 'प्रीतम एंड पेड्रो' कहानी की शुरुआत आधी रात को हुई एक ATM चोरी से होती है और अगले दिन प्रीतम अपने दादाजी के साथ चोरी हुए रेडियो की शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुंचता है। एक छोटी-सी शिकायत उसे जेल तक पहुंचा देती है, जहां उसकी मुलाकात क्राइम ब्रांच के अधिकारी पेड्रो से होती है। यहीं से कहानी नया मोड़ लेती है। प्रीतम दावा करता है कि अगर उसे सिर्फ 15 मिनट और एक लैपटॉप मिल जाए तो वो एटीएम चोरों का पता लगा सकता है। उसकी बात सही साबित होती है और यहीं से दोनों की अनोखी जोड़ी बनती है।

दरअसल, सीरीज की सबसे बड़ी ताकत अरशद वारसी और वीर हिरानी की केमिस्ट्री है। पेड्रो पुराने जमाने का पुलिस अधिकारी है, जिसे आधुनिक तकनीक पर भरोसा नहीं है, तो दूसरी ओर प्रीतम टेक्नोलॉजी का माहिर युवा है, जो साइबर दुनिया की हर बारीकी समझता है। दोनों की सोच और काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है, लेकिन यही अंतर कहानी में हास्य और रोमांच पैदा करता है।

सीरीज में विक्रांत मैसी का विलेन लुक चर्चा में

एक्टर अरशद वारसी अपने सहज एक्टिंग से एक बार फिर प्रभावित करते हैं। उनका किरदार सिर्फ हंसाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अनुभवी पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी और भावनात्मक पक्ष भी दिखाता है। तो वहीं वीर हिरानी अपने एक्टिंग डेब्यू में आत्मविश्वास के साथ नजर आते हैं और हर सीन में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हैं।

सीरीज में विक्रांत मैसी का विलेन लुक भी कहानी को स्ट्ऱॉग बना देता है। उनका शांत लेकिन खतरनाक अंदाज सस्पेंस को और गहरा बना देता है। मोना सिंह और बोमन ईरानी भी अपने किरदारों के जरिए कहानी को भावनात्मक स्पर्श देते हैं। बता दें, निर्देशक अविनाश अरुण ने गोवा की खूबसूरती और साइबर क्राइम जैसे विषय को बेहद सरल तरीके से पेश किया है। कहानी तकनीकी शब्दों में उलझती नहीं, बल्कि हर दर्शक के लिए समझने लायक बनी रहती है। अगर आप तेज रफ्तार, भारी-भरकम थ्रिलर की जगह हल्की, मनोरंजक और दिलचस्प क्राइम ड्रामा देखना चाहते हैं, तो 'प्रीतम एंड पेड्रो' आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है।