
इस्लामाबाद। फेक अकाउंट मामले में पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को बड़ी राहत मिली है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को फर्जी खातों के मामले में पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की अंतरिम जमानत को मंजूरी दे दी। इससे पहले फर्जी खातों और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चल रही एक जांच मामले में 16 मई को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के सामने पेश होना पड़ा था। हरीश एंड कंपनी मामले के संबंध में जरदारी को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो यानी NAB ने पूर्व राष्ट्रपति जरदारी को समन किया था।
हाईकोर्ट ने दी अंतरिम जमानत
याचिका में जरदारी ने कहा था कि उन्हें हरेश एंड कंपनी मामले में जवाबदेही ब्यूरो द्वारा तलब किया गया है और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। पूर्व राष्ट्रपति ने अदालत से अनुरोध किया कि एनएबी को उसे गिरफ्तार करने से रोका जाए और उसकी जमानत मंजूर की जाए। आपको बता दें कि फ़ेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) ज़रदारी और उनकी बहन फ़रील तालपुर सहित कई लोगों के खिलाफ फ़र्ज़ी खातों से मनी लॉन्ड्रिंग करने के मामले में 30 से अधिक लोगों की जांच कर रही है। जांच के सिलसिले में जरदारी के करीबी सहयोगी हुसैन ललाई को जुलाई 2018 में गिरफ्तार भी किया गया था।
क्या है मामला
पूर्व राष्ट्रपति जरदारी पर फर्जी खातों से जुड़े तीन मामले दर्ज किये गए । उनके करीबी सहयोगी और ओमनी समूह के अध्यक्ष अनवर मजीद के और उनके बेटे अब्दुल गनी को अगस्त 2018 में FIA द्वारा गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार जरदारी और उनके सहयोगियों ने कई निजी बैंकों में कई बेनामी खाते 2013, 2014 और 2015 में खोले थे। एफआईए का कहना है कि यह राशि कमीशन और रिश्वत से प्राप्त काला धन है।
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Updated on:
15 May 2019 07:25 pm
Published on:
15 May 2019 04:10 pm
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