विपक्ष ने इमरान सरकार को बताया 'सेलेक्टेड सरकार', कहा- दुनिया में अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान

विपक्ष ने इमरान सरकार को बताया 'सेलेक्टेड सरकार', कहा- दुनिया में अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान

Anil Kumar | Updated: 24 Aug 2019, 07:00:24 AM (IST) पाकिस्तान

  • पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने इमरान सरकार के एक साल पूरे होने पर श्वेत पत्र जारी किया
  • PPP ने कहा कि इमरान खान की आक्रामक नीतियों ने पाकिस्तानी सत्ता को फासीवादी बना दिया है

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन हुए बीते सप्ताह ही एक साल पूरे हुए हैं और इस एक साल के दौरान इमरान खान के नेतृत्व में पाकिस्तान की हालत घरेलू मोर्चे से लेकर अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही खराब रही है।

मौजूदा हालत यह है कि आजाद पाकिस्तान के इतिहास में महंगाई चरम पर है और शासन व्यवस्था बिल्कुल खराब है। इतना ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि बहुत ही खराब हुई है।

शुक्रवार को ही वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ( FATF ) ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई न करने को लेकर पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर दिया। यही कारण है कि अब विपक्षी दलों ने इमरान सराकर को कटघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया है।

पाकिस्तान में चिदंबरम की गिरफ्तारी पर विरोध, रहमान मलिक ने कहा- कश्मीर मुद्दे से ध्यान भटकाने की है साजिश

पाकिस्तान के प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने कहा है कि इमरान सरकार की नीतियों के कारण पाकिस्तान आज दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है।

पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पीपीपी ने इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीके इंसाफ पार्टी की सरकार के एक साल पूरे होने पर गुरुवार को श्वेत पत्र जारी किया।

इमरान खान अपनी सरकार के एक साल को 'तब्दीली (परिवर्तन) का एक साल' करार देते हैं। पीपीपी ने इसके जवाब में इस साल को 'तबाही का एक साल' करार दिया है।

pakistan.jpeg

इमरान की सरकार 'सेलेक्टेड सरकार' है: PPP

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ( PPP ) ने अपने श्वेत पत्र में कहा है कि बीते एक साल में पाकिस्तान अधिक असुरक्षित, अस्थिर और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कमजोर हो गया है। 112 पन्ने के श्वेत पत्र में पार्टी ने कहा है कि 'सेलेक्टेड सरकार' (सेना व अन्य सत्ता प्रतिष्ठान के समर्थन से बनी सरकार) ने अपने एक साल में विध्वंसकारी नीतियां, यूटर्न, वादाखिलाफी और उम्मीदों को तोड़ने का रिकार्ड बनाया है।

पीपीपी ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा था कि वह कर्ज के लिए आईएमएफ नहीं जाएगी लेकिन आईएमएफ से कर्ज लिया गया। पार्टी ने मीडिया पर कई तरह की पाबंदी का भी आरोप लगाया और कहा कि लोगों की आवाज दबाई जा रही है। देश में गरीबी और महंगाई चरम पर पहुंच गई है। खाने की बुनियादी वस्तुएं भी लोगों की पहुंच से बाहर हो रही हैं। एक साल के अंदर रुपया अपना 25 फीसदी मूल्य खो चुका है।

 

इमरान सरकार को बड़ा झटका, FATF ने पाकिस्तान को काली सूची में डाला, अब पाई-पाई को होगा मोहताज

पार्टी ने कहा है कि इमरान खान की आक्रामक नीतियों ने पाकिस्तानी सत्ता को फासीवादी बना दिया है। विपक्ष को दबाने का कोई तरीका नहीं छोड़ा जा रहा है।

इससे पहले स्कर्दू में एक सभा में पीपीपी चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि इमरान ने एक साल के अंदर देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया। देश की अर्थव्यवस्था आईएमएफ के पास गिरवी है जबकि राजनयिक स्तर पर पाकिस्तान दुनिया में अलग-थलग पड़ चुका है।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर. विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर.

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned