
215 इकाइंया बंद के आदेश, हजारों श्रमिकों की रोजी रोटी पर सकंट
ओम टेलर
पाली. प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने बरसों बाद किसानों की पीड़ा को गंभीरता से लिया है। ट्रीटमेंट प्लांटों, बांडी नदी और नेहड़ा बांध के हालात जानकर गई बोर्ड की चेयरमैन ने दो दिन बाद ही सख्त कदम उठाए। उन्होंने प्लांट संख्या ४ और उससे जुड़े पुनायता औद्योगिक क्षेत्र की २१५ इकाइयों को तत्काल बंद करने के आदेश दे दिए। बोर्ड ने कपड़ा उद्योग के सबसे महत्वपूर्ण प्लांट ६ में भी एक पखवाड़े के भीतर सुधार करने की चेतावनी देते हुए कहा कि सुधार नहीं करने पर उसे भी बंद कर दिया जाएगा। बोर्ड ने नियमों की पालना कराने के लिए एक गाइडलाइन भी जारी की है। ट्रस्ट को हिदायत दी है कि वह व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार लाएं। अन्यथा प्लांट संख्या ६ को भी बंद कर दिया जाएगा। पुनायता औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों से शपथ पत्र भी लिया जाएगा, जिसमें बिजली मीटर की अंतिम रीडिंग अंकित की जाएगी। यह शपथ पत्र ट्रस्ट की ओर से एकत्रित कर बोर्ड को सौंपा जाएगा। इसके अलावा, बोर्ड ने यह भी साफ तौर पर कहा है कि किसी भी सूरत में स्लज और रंगीन पानी नदी में नहीं जाना चाहिए। यदि एेसा हुआ तो आपराधिक प्रवृति का मामला दर्ज कराया जाएगा।
आंखों देखी का असर : चेयरमैन ने ये की टिप्पणी
१. प्लांट संख्या चार नियमों के विपरीत काम कर रहा है। प्लांट में भारी मात्रा में स्लज बिखरी पड़ी है। नदी किनारे की दीवार क्षतिग्रस्त है। एेसे में बारिश के पानी के साथ स्लज और रंगीन पानी नदी में जा सकता है।
२. स्लज निस्तारण में नियमों की अवहेलना की जा रही है। स्लज खुले में परिवहन की जा रही है तथा खुले में ही रखी हुई है जो नियम विरुद्ध है।
३. गढ़वाड़ा व जवडि़या में नदी में रंगीन पानी बहता हुआ पाया गया।
४. तीन नंबर प्लांट के यार्ड की स्थिति बेहद खराब है। यहां ६ हजार मैट्रिक टन स्लज पड़ी है, जबकि इसे निस्तारण के लिए बालोतरा भेजा जाना था।
५. नेहड़ा बांध में हरा-गहरा काला रंगीन पानी भरा पड़ा। यहां स्लज भी बड़ी मात्रा में जमा है। जबकि नेहड़ा बांध से स्लज हटाने के भी आदेश दिए गए थे, लेकिन पालना नहीं हुई।
एनजीटी में पेशी कल
पाली की औद्योगिक इकाइयों से फैल रहे प्रदूषण के विरुद्ध एनजीटी में शुक्रवार को फिर पेशी होगी। पिछली पेशियों में भी एनजीटी सख्ती दिखा चुकी है। एनजीटी का फैसला आने से पूर्व भी जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण मण्डल सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण
जैसे ही बोर्ड के आदेश जारी हुए, यहां प्रशासनिक अमला सीइटीपी के प्लांट संख्या ६ पहुंच गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर भागीरथ विश्नोई, उपखण्ड अधिकारी महावीरसिंह राठौड़ के अलावा बोर्ड के अधिकारियों ने स्लज यार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने सीईटीपी अध्यक्ष अनिल मेहता समेत अन्य ट्रस्टियों से बोर्ड के नियमों की पालना करने की हिदायत दी।
Published on:
26 Jul 2018 12:27 pm
