
VIDEO : तपती धूप में सडक़ों पर पेंटिंग से आह्वान, कोरोना से देश को बचाना है...
पाली। कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। गजलकार दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां भारतीयों के जज्बे पर पूरी तरह से चरितार्थ होती है। एक तरफ कोरोना के संकट से पूरे विश्व में हाहाकार मचा हुआ है तो दूसरी तरफ कोरोना से बचाने के जज्बे के साथ कर्मवीर [ Corona karmaveer ] अपने ढंग से अभियान चलाए हुए हैं। दिल में ऐसा ही जज्बा लिए शहर का पेंटर प्रकाश जोशी [ Painter Prakash Joshi ] दिन रात जुटा हुआ है। जोशी सुबह से शाम तक अपनी बाइक पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घूम-घूमकर जागरूकता जगाने का पुनीत कार्य कर रहा है। शेखावत नगर में राजन पेंटर के नाम से व्यवसाय करने वाले जोशी ने जिला कलक्टर दिनेश जैन से मिलकर उन्हें अपने इस अभियान की जानकारी दी।
अकेला ही घूम रहा बाइक पर
जोशी हर दिन पांच किलोमीटर क्षेत्र में शहर की बस्तियों में जाकर चौक चौराहों व सडक़ों पर कोरोना बचाव के संदेश प्रसारित कर रहा है। कोरोना भगाएं देश बचाएं, मैं हूं कोरोना, सरकारी निर्देशों का पालन करें, हम भारतीयों ने ठाना है, देश से कोरोना का भगाना है, कोई भी रोड पर ना निकलें, कोई भी रोने वाला नहीं मिलेगा... आदि संदेशों के जरिए जागरूकता जगा रहे हैं। प्रकाश ने शुक्रवार को नया व पुराना हाउसिंग बोर्ड, मिल क्षेत्र, सुभाष नगर, ओवरब्रिज क्षेत्र, सरदार पटेल नगर एवं राजेंद्र नगर क्षेत्रों में चौराहों की सडक़ों व दीवारों पर चित्रों के जरिए जागरूकता संदेश प्रसारित किया। प्रकाश की बाइक पर भी कोरोना को भगाना है, देशवासियों ने ठाना है आदि संदेश लिखे हुए है। यहां तक कि उसके हेलमेट पर भी पेंटर से लिखा हुआ मैं हूं कोराना...।
सब अपना दायित्व समझें
प्रकाश पेंटर ने बताया कि प्रशासन, चिकित्साकर्मी एवं पुलिस के जवान जी जान की बाजी लगाकर हमारे बचाव में जुटे हैं। ऐसे में हम नागरिकों का कर्तव्य है कि हम भी अपने स्तर पर छोटा-मोटा योगदान करें। लॉकडाउन के चलते पेंटिंग का कार्य तो नहीं मिल रहा, लेकिन जन जागरूकता के इस पुनीत कार्य से दिल को सुकून मिलता है। पेंटिंग के साथ पेट्रोल का खर्च भी वह निजी स्तर पर ही वहन कर रहा है।
Published on:
25 Apr 2020 07:04 am
