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जानलेवा बनी लापरवाही, अब तक यहां मौत से हारे दस लोग

- यातायात प्रबंधन समिति की बैठक में हुए निर्णयों पर नहीं हुआ काम Accidents are occurring due to cattle :- एनएचएआइ, नगर परिषद व टोल कम्पनियों की लापरवाही बनी जानलेवा
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पाली

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Suresh Hemnani

Sep 04, 2019

जानलेवा बनी लापरवाही, अब तक यहां मौत से हारे दस लोग

जानलेवा बनी लापरवाही, अब तक यहां मौत से हारे दस लोग

पाली। पाली से गुजरने वाले जयपुर-अहमदाबाद फोरलेन [ Jaipur-Ahmedabad Fourlane ], पाली शहर [ pali city ] व पाली-जोधपुर फोरलेन [ Pali-Jodhpur Fourlane ] पर टोल कम्पनी, एनएचएआइ व पीडब्ल्यूडी महकमे की एनएचआइ विंग और पाली नगर परिषद [ City Council ] की लापरवाही के कारण इन हाइवे [ Accident on forelane ] पर पिछले चार माह में दस जनों की मौत [ Death of ten people ] मवेशियों से वाहन टकराने से हो चुकी है। गत दिनों हुई यातायात प्रबंधन समिति [ Traffic management committee ], सडक़ सुरक्षा प्रकोष्ठ [ Road safety cell ] की बैठक में सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय हुई थी। लेकिन इन विभागों ने बैठक से बाहर आकर अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से नहीं निभाई, इस कारण यह हादसे हुए।

एनएचआइ को करनी थी बाइक से गश्त, हटाने थे मवेशी
बैठक में यह तय हुआ था कि एनएचआइ हर दस-बीस किलोमीटर की दूरी पर बाइक से गश्त कर मवेशी हटाने का काम करेगी, ताकि दुर्घटनाएं रुक सके। लेकिन बैठक के मिनिट्स को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।

लाखों का टोल वसूल रहे, मवेशी नहीं हटाते
पाली-जोधपुर व ब्यावर-पिंडवाड़ा हाइवे पर दोनों ओर टोल कम्पनियां रोजाना लाखों रुपए टोल वसूलती है। लेकिन दोनों हाइवे पर मवेशियों का कब्जा है। ये कम्पनियां मवेशियों को हटाने की दिशा में काम नहीं करती। दो दिन पूर्व जाडन के निकट मवेशी से टकराने से कार चालक की मौत हो गई। चार माह में दस जनों की जान मवेशियों के कारण गई। जिला प्रशासन इसके बावजूद टोल कम्पनियों पर कार्रवाई नहीं करता।

रेडियम व रिफ्लेक्टर लगाकर इतिश्री
टोल कम्पनियां मवेशियों को हटाने, हाइवे पर गश्त करने का काम नहीं करती। ज्यादा दबाव बनता है तो वे हाइवे पर मवेशियों के सींग पर रेडियम लगाने का काम कर इतिश्री कर लेती है।

पाली शहर का बुरा हाल
पाली शहर के हालात पर नजर डाली जाए तो बुरे हाल है। शहर के घुमटी रोड से मिलगेट, अम्बेडकर सर्कल, सूरजपोल, मस्ताना बाबा, नया बस स्टैण्ड, पणिहारी चौराहा रोड तक मवेशियों का झुण्ड मिल जाएगा। वहीं नया गांव रोड से बांगड़ स्कूल तिराहा तक मवेशियों का राज है। रोजाना बाइक चालक हादसे के शिकार होकर घायल होते हैं, लेकिन नगर परिषद परवाह नहीं करती।

ट्रेलर ने तीन गोवंश को कुचला
बाबरा। रास थाने से मुख्य आरक्षी बलवीरसिंह ने बताया कि बलुपुरा तिराहे के पास रात करीब दो बजे सीमेंट के बैग से लदा एक ट्रेलर रास की ओर से आ रहा था। रात के समय सडक़ मार्ग पर खडें बेसहारा गोवंशों को बचाने के चक्कर में ट्रेलर चालक ने अचानक ब्रेक लगाए, जिससे अनियंत्रित होकर आगे चल रहे दूसरे ट्रेलर से जा टकराया। इससे ट्रेलर का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं सडक़ पर खड़े गोवंश चपेट में आ गए। इससे तीन गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई व चार घायल हुई। ग्रामीणों की मदद से उन्हें उपचार के लिए नागौर स्थित गोशाला भेजा गया।

हादसों का आंकड़ा डरावना
वर्ष हादसे मौत घायल
2016- 603, 389, 643
2017- 663, 436, 664
2018- 625, 356, 632

(ये आंकड़े तीन सालों में सडक़ हादसों के हैं)

मवेशी हटाने पर रहेगा फोकस
यह सहीं है कि एनएचआई विंग ने हाइवे पर गश्त नहीं की। टोल कम्पनियों ने लापरवाही बरती, इस कारण हाइवे पर मवेशियों का कब्जा है। यातायात प्रबंधन समिति की बैठक 11 सितम्बर को बुलाई गई है। इसमें इस मुद्दे पर गंभीरता से बात करेंगे। - जेपी बैरवा, आरटीओ, पाली।