5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

देर रात तेज धमाकों से गूंजा शहर, एयरफोर्स के फाइटर विमानों ने भरी उड़ान, घबराकर घरों से बाहर आए लोग

रात को 12:21 पर ही सोनिक बूम के कारण शहर के अधिकांश लोग नींद में थे, लेकिन जो जाग रहे थे वे घबरा गए और घरों से बाहर निकल गए...
2 min read
Google source verification

पाली

image

Dinesh Saini

Mar 25, 2019

fighter plane

पाली।

शहर सहित जिले कई कस्बों व गांवों में रविवार देर रात को एयरफोर्स के फाइटर जेट प्रैक्टिस के कारण फिर सोनिक बूम आया। धमाकों व कंपन से दहशत फैल गई। हालांकि रात को 12:21 पर ही सोनिक बूम के कारण शहर के अधिकांश लोग नींद में थे, लेकिन जो जाग रहे थे वे घबरा गए और घरों से बाहर निकल गए। वे फिर भूकम्प के झटकों का अंदेशा जताते हुए सडक़ों पर आ गए।


रात करीब 12 बजकर 21 मिनट पर तेज धमाके के साथ कंपन हुआ। लोग भूकम्प का झटका समझ घरों से बाहर आ गए। ऐसे तीन झटकें थोड़ी-थोड़ी देर में ही आने से बच्चें, महिलाएं व पुरुष घरों से बाहर आ गए। कई लोगों को इस बारे में पता भी नहीं चला, क्योंकि वह नींद में थे। लेकिन जो जाग रहे थे वे बाहर आ गए। वे काफी घबराए हुए दिखे। शहर के कई इलाकों में इन धमाके में कंपन महसूस किए गए। शहर के हाउसिंग बोर्ड, सरदारसमंद रोड, राजेन्द्र नगर, आदर्श नगर, मिलगेट एरिया, भीतरी शहर, नहर क्षेत्र, मंडिया रोड, सुमेरपुर रोड, रामदेव रोड क्षेत्र सहित सभी कस्बों में ऐसे कंपन व धमाकों की आवाज को महसूस किया गया। इस दौरान किसी भी गांव-कस्बे में नुकसान के समाचार नहीं है।

उल्लेखनीय की शुक्रवार रात को भी सोनिक बूम के कारण ऐसे धमाके व कंपन शहर में महसूस किए गए थे। जबकि शनिवार को ऐसा ही सोनिक बूम जोधपुर जिले में भी आया। मीडिया के मार्फत लोगों को इस बारे में विस्तृत जानकारी मिलने के बाद लोग जागरूक भी दिखे।

वहीं गौरतलब है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के पुंछ और नौशेरा में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। शनिवार रात हुई भारी गोलाबारी में नागौर जिले के जवान हरिराम भाकर शहीद हो गए। हरि भाकर जिले की मकराना तहसील के जूसरी गांव के रहने वाले थे। शहीद जाबांज हरि भाकर की पार्थिव देह रविवार शाम को जयपुर एयरपोर्ट पहुंची।

शहीद हरि भाकर के पिता पदमाराम भाकर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनका बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ है। यदि सरकार चाहे तो उन्हें भी सेना में भर्ती कर सकती है, वे भी देश सेवा के लिए तैयार हैं। शहीद के पिता ने कहा कि उनके दो बेटे हैं- हरि और हरेंद्र तथा दोनों ही सेना में हैं। उन्हें गर्व है कि उनका बेटा शहीद हुआ है। मेरे और भी बच्चे होते तो उन्हें भी वे सेना में भेज देते।