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बीजेपी में नहीं थमा घमासान, केन्द्रीय मंत्री पीपी चौधरी के विरोध में अब ये नेता पहुंचे दिल्ली

-जनप्रतिनिधियों ने पार्टी आलाकमान के समक्ष फिर उठाई टिकट बदलने की मांग
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बीजेपी में नहीं थमा घमासान, केन्द्रीय मंत्री पीपी चौधरी के विरोध में अब ये नेता पहुंचे दिल्ली

पाली. लोकसभा चुनावों में टिकटों को लेकर भाजपा में चल रहे घमासान पर विराम लगता नहीं दिख रहा है। केन्द्रीय मंत्री और पाली लोकसभा सांसद पी पी चौधरी के विरोध का झंडा अब दिल्ली में बुलंद किया गया है। मंगलवार को पाली लोकसभा क्षेत्र के नेताओं ने भाजपा के केन्द्रीय नेताओं से मुलाकात कर पाली में मौजूदा सांसद का टिकट बदलने की मांग उठाई।

मौजूदा सांसद का टिकट काटने की मांग कर रहे भाजपा नेताओं ने तीन दिन पहले जयपुर में दर्ज कराए विरोध के बाद मंगलवार को दिल्ली का रुख किया। उन्होंने राष्ट्रीय सचिव भूपेन्द्र यादव, प्रदेश प्रभारी अविनाशराय खन्ना, सह प्रभारी वी सतीश, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी और प्रतिपक्ष नेता गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात कर पाली में नया चेहरा उतारने की मांग पुरजोर से उठाई। भाजपा नेताओं ने केन्द्रीय नेतृत्व को मौजूदा सांसद से नाराजगी की कई वजह बताते हुए कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने यहां भी दोहराया कि सांसद ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कभी तवज्जो नहीं दी। यह भी चेताया कि यदि उन्हें दोबारा प्रत्याशी बनाया गया तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा। पाली जिला प्रमुख प्रेमाराम सीरवी व जिला प्रमुख जोधपुर पूनाराम चौधरी ने बताया कि उन्होंने केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष भी अपनी बात रखी है।

केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष इन्होंने दर्ज कराया विरोध

पाली जिला प्रमुख प्रेमाराम सीरवी, जोधपुर जिला प्रमुख पूनाराम चौधरी, राज्य सभा सदस्य रामनारायण डूडी, पूर्व सांसद पुष्प जैन, पूर्व विधायक केसाराम चौधरी, संजना आगरी, भैराराम सीयोल, कमसा मेघवाल व अर्जुन मेघवाल ने केन्द्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर विरोध स्वरूप पत्र सौंपा। भाजपा नेता सुनील सीरवी ने भी केन्द्रीय नेताओं से मुलाकात कर अपनी दावेदारी पेश की।

राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी कर सकते हैं मुलाकात

भाजपा नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने का केन्द्रीय नेताओं से आग्रह किया। शाह के अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण शाह से मिलना संभव नहीं हो पाया। संभवतया होली के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह से भी मुलाकात हो सकती है। हालांकि, केन्द्रीय नेताओं के जरिए सांसद के विरोध की बात राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाई जा चुकी है।