
औद्योगिक इकाईयों की गाड़ी का फिर से पटरी पर लाने और प्रदूषण को कम करने को लेकर अब सीईटीपी का नया प्लान....यहां पढे़ पूरी खबर
पाली. प्रदूषण के दंश से किसानों की जमीने खराब हो गई। बांडी नदी दूषित हो गई। इसी जहर से औद्योगिक इकाइयों की गाड़ी भी पटरी से उतर गई। इस गाड़ी को फिर से पटरी पर लाने और प्रदूषण को कम करने के लिए अब तक सीइटीपी की ओर से किए प्रयास तो पूरी तरह कारगर नहीं हुए। अब सीइटीपी के नए बोर्ड ने एक बार फिर समयबद्ध प्लान तैयार किया है। सीइटीपी के पदाधिकारियों की मानें तो इस प्लान के धरातल पर आने के बाद प्रदूषण को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। वैसे इस प्लान में एनजीटी की ओर से बनाई मॉनिटरिंग कमेटी (प्रो. बृजगोपाल की अध्यक्षता वाली कमेटी) की ओर से बताई कमियां दूर करना है। इसमें ट्रीटमेंट प्लांट संख्या छह को जल्द से जल्द जेडएलडी करने की योजना भी शामिल है।
कलक्टर ने भी तैयार की रिपोर्ट
एनजीटी के आदेश पर जिला कलक्टर ने मॉनिटरिंग कमेटी की ओर से बताई कमियों में अब तक हुई प्रगति और अन्य पहलुओं का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की है। जिसे रविवार को एनजीटी में पेश किया जाएगा। जबकि सीइटीपी की ओर से 13 जून को होने वाली सुनवाई में एक्शन प्लान पेश करने की तैयारी चल रही है।
इनका कहना है
हमने समयबद्ध रूप से प्लांटों का अपग्रेडेशन करने और प्रदूषित पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए प्लान तैयार किया है। हम प्रदूषण की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने को कटिबद्ध है।
अनिल मेहता, अध्यक्ष, सीइटीपी, पाली
प्लांटों के अनुसार यह बनाया प्लान
ट्रीटमेंट प्लांट संख्या दो
-बफेल वॉल : ट्रीटमेंट प्लांट में आने वाले प्रदूषित पानी की स्पीड को नियंत्रित करने के लिए बफेल वॉल का कार्य 20 जून तक किया जाएगा पूरा।
-ऑयल एण्ड ग्रीस रेप : प्रदूषित पानी में शामिल ऑयल आदि को दूर करने व पानी को मानकों पर लाने के लिए 30 जून तक यह कार्य किया जाएगा।
-ऑक्सी बूस्टर : प्लांट अपग्रेडेशन के इस पार्ट को 15 जुलाई तक पूरा किया जाएगा। इसके लिए लुधियाना की एक कम्पनी को कार्य दिया गया है। अभी तक 4 ऑक्सी बूस्टर लगे हैं और चार लगना शेष है।
-मीटर डोजिंग पम्प : मीटर डोजिंग पम्प लगाने का कार्य 15 अगस्त तक पूरा किया जाएगा।
ट्रीटमेंट प्लांट संख्या तीन
-मीटर डोजिंग पम्प : यह पम्प लगाने का कार्य 15 अगस्त तक लगाना प्रस्तावित।
-अपग्रेडेशन : प्लांट के अपगे्रडेशन का कार्य 2019 तक पूरा करना प्रस्तवित। इसके लिए टैंडर प्रोसेस जुलाई 2019 तक, वर्क ऑर्डर सितम्बर 2019 तक व वर्क अक्टूबर 2019 तक शुरू करवाना प्रस्तावित है।
ट्रीटमेंट प्लांट संख्या चार
-मीटर डोजिंग पम्प : यह कार्य 15 अगस्त तक किया जाएगा।
-अपग्रेडेशन : प्लांट को अधिकतम 3 माह में टर्सरी तकनीक तक अपग्रेडेशन के लिए देंगे। इसके लिए अनुमानित खर्च 32 करोड़ रुपए रखा गया है। यह कार्य 12 माह में पूरा करना प्रस्तावित है।
-स्लज : प्लांट में पड़ी स्लज के लिए इसी माह शेड बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
ट्रीटमेंट प्लांट संख्या छह
-स्लज निस्तारण : प्लांट से रोजाना 100-125 मैट्रिक टन स्लज रोजाना निस्तारण के लिए भेजी जा रही है।
-ऑन लाइन मीटर एनालाइजर : ऑन लाइन मीटर एनालाइजर लगाने का कार्य करने के लिए दो-तीन दिन में एमओयू किया जाएगा।
-जेडएलडी : आइपीडीएस योजना में जेडएलडी के लिए 15 करोड़ उद्यमियों की ओर से जमा करवाए गए थे। 7.50 करोड़ रुपए सरकार से मिले थे। अब वापस फंड के लिए लिखा जाएगा। टेक्सटाइल मिनिस्ट्री की ओर से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करवाया जाएगा।
Updated on:
10 Jun 2018 01:52 pm
Published on:
10 Jun 2018 01:44 pm
